जोधपुर।
आरपीएससी की ओर से रीट (प्रथम लेवल) की परीक्षा का फर्जी प्रश्न पत्र (RIIT paper leak) 40 लाख रुपए में बेचने वाले गिरोह के सरगना को पुलिस की स्पेशल टीम ने पकड़कर बनाड़ थाना पुलिस को सुपुर्द किया। आरोपी नौ महीने से फरार था और उस पर 25 हजार रुपए का इनाम था। अब तक 33 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमृता दुहन ने बताया कि प्रकरण में सांचौर जिले के प्रवीण गोदारा फरार था। वह टॉप-10 वांटेड में शामिल था और 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। उसके एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में होने की सूचना मिली। कांस्टेबल रमेश कुमार व सुरेश कुमार को आरोपी प्रवीण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस आधार पर तकनीकी विश्लेषण से नजर रखनी शुरू की गई। आरपीएस अधिकारी मीनाक्षी लेगा के नेतृत्व में पुलिस ने तलाश की और बुधवार को प्रवीण गोदारा को पकड़ लिया। फिर उसे बनाड़ थाना पुलिस को सौंपा गया। तत्पश्चात सांचौर जिले में झाब थानान्तर्गत हेमागुड़ा में गोयतों की ढाणी प्रवीण गोदारा (21) पुत्र जगदीश बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नरतपसिंह मामले की जांच कर रहे हैं। कार्रवाई में एयरपोर्ट थानाधिकारी शैफाली सांखला, एसआइ पूर्णसिंह, साइबर सैल के एएसआइ राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल शिवदानराम व श्रवण कुमार, कांस्टेबल रमेश कुमार, सुरेश कुमार, गणपतराम व देवेन्द्र परिहार शामिल थे।
पांच हजार रुपए का एक आरोपी अभी तक फरार
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक महिला अभ्यर्थियों सहित 33 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब तक की जांच के बाद जाम्बा निवासी राजू बिश्नोई की गिरफ्तारी बाकी है। उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित है।
40 लाख रुपए में बेचा था फर्जी प्रश्न पत्र
आरपीएससी की ओर से गत 25 फरवरी को रीट लेवल प्रथम परीक्षा आयोजित की गई थी। 24 फरवरी की रात निरीक्षक देवीचंद ढाका को लग्जरी कार में नकल गिरोह के सक्रिय होकर घूमने की सूचना मिली। पुलिस ने पीछा किया तो कार व उसमें सवार गिरोह बनाड़ रोड पर उदयगढ़ गार्डन में पिछले गेट से अंदर घुसे। बनाड़ थाना पुलिस ने गार्डन में बने तीन कमरों में दबिश दी, जहां नकल गिरोह लेपटॉप पर डाउनलोड पीडीएफ में लिखे रीट के प्रत्न वहां मौजूद अभ्यर्थियों को हल करवा रहा था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो सामने आया कि प्रवीण गोदारा ने 40 लाख रुपए के बदले रीट का प्रश्न पत्र बेचा था। हालांकि आरोपियों से मिले प्रश्नों का रीट के प्रश्न पत्र से मिलान नहीं हो पाया था। तब से प्रवीण गोदारा फरार हो गया था।
फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर घूम रहा था सरगना
फर्जी प्रश्न पत्र बेचने व पकड़ में आने के बाद से सरगना प्रवीण गोदारा फरार हो गया था। उसने मोबाइल बंद कर लिया था। वह मोबाइल नम्बर बदल कर उपयोग कर रहा था। साथ ही फरारी में प्रयुक्त वाहन पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर घूम रहा था।
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