बालोतरा हत्याकांडः मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा- राजस्थान में जंगलराज, 'सर तन से जुदा' के मैसेज वायरल

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बालोतरा जिले के कल्याणपुर थानान्तर्गत नेवरी गांव में ग्रामीण की हत्या का मामला गर्मा गया है। शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी जोधपुर एमडीएम मोर्चरी में चल रहे धरने में पहुंचे। चौधरी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में जंगलराज चल रहा है। सर तन से जुदा करने के मैसेज वायरल हो रहे हैं। एक ग्रामीण की हत्या हो जाती है, उसके साथ खड़े शख्स को जान से मारने की धमकी दी जाती है।

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बता दें कि परिजन व ग्रामीणों ने जोधपुर में मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पड़ाव डाल रखा है। उन्होंने मण्डली थानाधिकारी पर मिलीभगत व एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए निलम्बन की मांग की। पुलिस ने बताया कि मण्डली थानान्तर्गत मोहनपुरा गांव निवासी ओमाराम उर्फ ओमप्रकाश पुत्र मूलाराम जाट की हत्या कर दी गई थी। भाई नारायणराम की ओर से मठार खां पुत्र शेरू खां, गनी खां पुत्र निजाम, यारू खां पुत्र रहमत, गनी खां पुत्र सायर और सोमू खां पुत्र मालू खां व अन्य के खिलाफ कल्याणपुर थाने में मामला दर्ज है। फूसे खां व मठार खां को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव मोर्चरी में है। परिजन व ग्रामीण मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। वे मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपए और मण्डली थानाधिकारी के निलम्बन की मांग पर अड़े हुए हैं।

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घायल को मण्डली ले गए, पुलिस ने कल्याणपुर ले जाना बताया
ग्रामीणों का आरोप है कि गत 31 अक्टूबर को नेवरी गांव के पास बाइक सवार ओमाराम व एक अन्य को आरोपियों ने रोका था। बोलेरो कैम्पर से टक्कर मार दोनों को बाइक से नीचे गिरा दिया गया था। फिर लाठी व सरियों से हमला किया गया था, जिससे ओमाराम गंभीर घायल हो गया था। पीछे ही दूसरी बाइक पर आ रहे परिजन व अन्य ने पुलिस को सूचित कर घायल को मण्डली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया था, जहां से उसे एमडीएम अस्पताल रैफर किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट में घायल को घर से कल्याणपुर अस्पताल ले जाना बताया है।

मिलीभगत : एफआइआर दर्ज नहीं की, उलटा पाबंद करवाया
चंपालाल सारण का कहना है कि गत 30 अक्टूबर को खेत में बकरियां घुसने पर मालिक भंवरसिंह राजपुरोहित ने आपत्ति जताई थी। इससे बकरियां चरा रहे आरोपी झगड़े पर उतारू हो गए थे। मारपीट व गाली-गलौच भी की थी। बतौर पड़ोसी ओमाराम ने बीच बचाव किया था। मण्डली थाना पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई की बजाय खेत मालिक व पड़ोसी ओमाराम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। दोनों ने भी शिकायत दी, लेकिन एफआइआर दर्ज न कर बंद कर दिया था। साथ ही पाबंद भी करवा दिया था।



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