- 2004 से पहले नहीं थी डेयरी में ओपीएस स्कीम, सरकार के दबाव में झुकी डेयरी
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से सरस सहित प्रदेश की अन्य डेयरियों में ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू की गई है जबकि 2004 से पहले वहां यह स्कीम थी नहीं। पेंशन का भुगतान डेयरी को स्वयं अपने स्तर पर ही करने का आदेश भी दिया गया है। इसी के तहत जोधपुर सरस डेयरी को 25 करोड़ रुपए का ड्रॉफ्ट सरकार को जमा कराना पड़ा है। इससे सरस डेयरी पर साल में 25 लाख का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। डेयरी ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखकर पेंशन का भार खुद वहन करने की बात कही है।
वर्ष 2004 से ओल्ड पेंशन स्कीम बंद कर दी गई थी और उसके स्थान पर न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई। कर्मचारी संगठनों की लगातार मांग के बाद 2022 में ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू कर दिया गया। हाल ही में राज्य सरकार ने राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फैडरेशन के साथ ओपीएस लागू करने को लेकर करार किय है जिससे सरस डेयरी में पहली बार ओपीएस लागू की गई है। इसका पूरा भार भी डेयरी पर डाला गया है।
---------------------
सरस में पहली बार ओपीएस लागू की गई है। इससे हमारे ऊपर 25 करोड़ का बोझ बढ़ गया है। हमनें इसको लेकर सरकार को पत्र लिखा है।
रामलाल विश्नोई, चेयरमैन, सरस डेयरी जोधपुर
वर्ष 2004 से ओल्ड पेंशन स्कीम बंद कर दी गई थी और उसके स्थान पर न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई। कर्मचारी संगठनों की लगातार मांग के बाद 2022 में ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू कर दिया गया। हाल ही में राज्य सरकार ने राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फैडरेशन के साथ ओपीएस लागू करने को लेकर करार किय है जिससे सरस डेयरी में पहली बार ओपीएस लागू की गई है। इसका पूरा भार भी डेयरी पर डाला गया है।
---------------------
सरस में पहली बार ओपीएस लागू की गई है। इससे हमारे ऊपर 25 करोड़ का बोझ बढ़ गया है। हमनें इसको लेकर सरकार को पत्र लिखा है।
रामलाल विश्नोई, चेयरमैन, सरस डेयरी जोधपुर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/u2T0mRw
0 comments:
Post a Comment