जोधपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से दो दिन पहले घोषित आरएएस प्री परीक्षा 2023 के परीक्षा परिणाम में 1 हजार 920 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है। इन अभ्यर्थियों ने परीक्षा में दस फीसदी से अधिक प्रश्नों के उत्तर नहीं दिए यानी उत्तर पुस्तिका (OMR SHEET) खाली छोड़ दी। आरपीएससी ने नकल की रोकथाम के लिए इस बार पहली बार RAS Pre Exam: 2023 से नया प्रयोग किया था। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न में चार विकल्प होते हैं। आरपीएससी ने इस परीक्षा में पांचवा विकल्प भी दिया। परीक्षार्थी को किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आने अथवा परीक्षार्थी द्वारा प्रश्न का उत्तर नहीं देने की िस्थति में उसे पांचवें विकल्प का चुनाव करना था। पांच में से एक भी विकल्प नहीं चुनने की िस्थति में एक तिहाई अंक का नकारात्मक अंकन करने का भी प्रावधान किया गया। यदि परीक्षार्थी ने दस फीसदी से अधिक प्रश्नों का कोई भी उत्तर नहीं दिया है तो उसे अपात्र घोषित किया जाना था। इसी नियम के तहत 1920 परीक्षार्थी अपात्र घोषित हो गए।
10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया
परीक्षार्थियों को गोले काले करने के लिए आरपीएससी ने पहली बार 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया था। परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चली। परीक्षार्थियाें से ओएमआर शीट दस मिनट बाद दोपहर 2.10 पर ली गई थी।
खाली छोड़ते थे ओएमआर इसलिए बनाया नियम
दरअसल कुछ परीक्षार्थी नकल के चक्कर में परीक्षा में ओएमआर शीट खाली छोड़ देते थे। सांठगांठ से बाद में उनकी ओएमआर शीट भर दी जाती। इसी के तोड़ के लिए आरपीएससी ने पांचवें विकल्प का नियम बनाया।
19348 अभ्यर्थी आरएएस मुख्य परीक्षा के लिए पात्र
आरएएस प्री एक अक्टूबर को प्रदेश के 2158 परीक्षा केंद्रों पर हुई। पंजीकृत 6 लाख 69 हजार 969 में से 4 लाख 57 हजार 957 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में 2 लाख 39 हजार 12 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा का परिणाम 20 अक्टूबर को जारी किया गया, जिसमें 19 हजार 348 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया।
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