Rajasthan Politics: तो क्या गजेंद्र सिंह शेखावत की वजह से कटा इस विधायक का टिकट, जानें पूरा मामला

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जोधपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जोधपुर की सबसे वरिष्ठ विधायक सूर्यकांता व्यास की अदावत की कहानी मारवाड़ में सबकी जुबानी है। दोनों ही नेताओं ने एक—दूसरे पर पलटवार किए हैं। जीजी की सबको सलाम करके चलने की आदत ने ही उन्हें संकट में ला दिया। क्या गहलोत, क्या गजेंद्र, जीजी ने कभी किसी से दुश्मनी नहीं पाली। विरोधी हो या साथी हो, सबको साथ लेकर चलीं। जीवनभर जीजी ने इसी लीक पर राजनीति की और इसी ने जीजी को राजनीति के सोपान चढ़ाए तो यही जीजी का टिकट कटने का कारण भी बना। उनका यह अंदाज गजेंद्र सिंह को अखर गया। खासकर पिछले लोकसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत और गजेंद्र सिंह आमने—सामने थे। इस चुनाव से पहले जीजी ने हवन कराया था और उसमें वैभव गहलोत भी आए थे। इसने खूब सुर्खियां बंटोरी थीं। हालांकि जीजी का कहना है था कि यह धार्मिक आयोजन था और इसमें सभी को बुलाया था। जिसकी इच्छा हुई आया, जिसकी इच्छा नहीं हुई वह नहीं आया।

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सांसद मुझे पसंद नहीं करते इसलिए मेरा टिकट कटा : सूर्यकांता
भाजपा विधायक सूर्यकांता व्यास का सूरसागर सीट से टिकट कटा तो राजनीति के गलियारों में करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पक्ष में व्यास द्वारा दिया गया एक बयान फिर से चर्चा में आ गया। उस बयान के बाद स्थानीय सांसद व केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के बीच जुबानी जंग छिड़ गई थी। टिकट कटने के बाद व्यास ने भाजपा के उम्मीदवार देवेन्द्र जोशी का सहयोग करने की बात तो कही, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि शायद सांसद उनको पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि सांसद उनको पसंद नहीं करते इसलिए उनका टिकट कटा है।

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जीजी की आस अब भी जोधपुर शहर
जीजी की आस अब भी जोधपुर शहर ही है। सूर्यकांता व्यास ने यह भी कह दिया कि यदि पार्टी उचित समझेगी तो उन्हें दूसरी सीट से भी मौका दे सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक से मिलने का हवाला दे दिया। हालांकि कहा जा रहा है कि उनकी उम्र उनकी दावेदारी में आड़े आई। लेकिन व्यास ने कहा कि उम्र से इसका कोई लेना-देना नहीं है।

यह हुआ था घटनाक्रम
- सितम्बर माह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुष्करणा समाज की कुलदेवी उष्ट्रवाहिनी देवी के मंदिर के जीर्णो²धार के लिए 4 करोड़ 75 लाख का बजट जारी किया। इसमें सूरसागर विधायक की भूमिका अहम मानी गई और समाज के लोगों ने उनका स्वागत भी किया।
- 15 सितम्बर को विधायक व्यास ने बयान दिया कि सीएम गहलोत राजस्थान में काफी लोकप्रिय हैं। साथ ही उन्होंने उनकी तुलना राजा-महाराजाओं से कर दी।
- इस बयान के जवाब में केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने परबतसर में एक प्रेस वार्ता में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल व विधायक व्यास को उम्रदराज यानि 90 की उम्र के करीब बताया और कहा कि बुढ़ापा बचपन की पुनरावृत्ति होती है।
- इसके बाद विधायक ने भी पलटवार किया और कहा कि जब शेखावत का जन्म भी नहीं हुआ तब से वह राजनीति में है।
- इस घटनाक्रम के बाद जयपुर भाजपा संगठन की ओर से भी विधायक व्यास के इस बयान पर नाराजगी जताई गई।



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