Air Pollution: धूल कणों के साथ हवा में बढ़ी कार्बन मोनोक्साइड

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जोधपुर. मानसून के रुखस्त करते ही जोधपुर में हवा में धूल कणों (पार्टिकुलेट मैटर) के साथ कार्बन मोनोऑक्साइड का प्रदूषण बढ़ने लगा है। अक्टूबर के पहले चार दिन में ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पास पहुंच गया है। हवा में धूल व कार्बन के महीन कणों के अलावा दूसरा सबसे बड़ा प्रदूषक कार्बन मोनोऑक्साइड है। शहर में लगातार बढ़ रहे वाहनों की वजह से कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार ह्रदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों के लिए अत्यधिक कार्बन मोनोऑक्साइड हानिकारक है।
सितंबर के अंतिम सप्ताह से पश्चिमी राजस्थान में एंटी साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने की वजह से कुछ हिस्सों में मानसून की विदाई हो गई थी। उसके बाद 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से मानसून के विदाई की घोषणा कर दी गई। मानसून जाने के साथ ही हवा में नमी कम होने लग गई। साथ ही हवा की गति भी धीमी हो गई, जिसकी वजह से संबंधित क्षेत्र के प्रदूषक उसी वायुमंडल में बने हुए हैं। इससे वायु की गुणवत्ता खराब हो रही है।

6 प्रदूषक का होता है मापन

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से वायु की गुणवत्ता के लिए छह प्रदूषक का मापन करता है। इसमें हवा के महीन कण यानी पार्टिकुलर मैटर पीएम 10, पीएम 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन शामिल है। वर्तमान में पीएम कणों और कार्बन मोनोऑक्साइड को छोड़कर सभी प्रदूषक का एक्यूआई 50 के भीतर बना हुआ है।

कार्बन मोनोऑक्साइड क्यों है हानिकारक

वायुमंडल में कार्बन मोनोऑक्साइड का सर्वाधिक उत्सर्जन गाड़ियों के धुएं और जंगलों की आग से होता है। कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर में ऑक्सीजन के परिवहन को बाधित करती है जिससे शरीर की कोशिकाओं और उत्तकों को ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से सांस लेने में परेशानी होती है। हृदय रोग से ग्रसित लोगों को सर्वाधिक परेशानी होती है उन्हें छाती में दर्द सहित अन्य दिक्कत पैदा हो सकती है।

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अक्टूबर के चार दिनों का प्रदूषण

दिन ------------- एक्यूआई ----- कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर

1 अक्टूबर --------- 194 --------- 67
2 अक्टूबर --------- 160 --------- 78
3 अक्टूबर --------- 209 --------- 76
4 अक्टूबर --------- 129 --------- 95
5 अक्टूबर --------- 108 --------- 54
6 अक्टूबर --------- 99 --------- 74

(दोनों की यूनिट माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। एक्यूआई 0 से 50 अच्छा, 51 से 100 ठीकठाक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 बेहद खराब माना जाता है। )



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