अब जमकर खाइए पीली, लाल और जामुनी शिमला मिर्च, आपको मिलेगी चमत्कारी ताकत

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर। केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) की ओर से बीते कुछ समय से शिमला मिर्च पर किए गए प्रयोगों के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं। अब मारवाड़ के किसान भी अपने खेतों में हरी शिमला मिर्च के साथ रंग-बिरंगी शिमला मिर्च उगा सकेंगे। किसान पीली, लाल और जामुनी शिमला मिर्च बाजार में बेचकर अच्छे दाम कमा सकते हैं। रंग-बिरंगी शिमला मिर्च पौष्टिक होती है। लोगों का टेस्ट भी अब बदल रहा है। सितम्बर महीने में शिमला लगाते हैं जो 90 दिन में तैयार हो जाती है। ऐसे में किसान अगले महीने से अपने खेतों में शिमला मिर्च की खेती कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- एक चंद्रयान बनाओ...सोनिया-राहुल को चांद पर छोड़ दो : सरमा


रंगील शिमला मिर्च में मीठापन
शिमला मिर्च पर शोध करने वाले काजरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ प्रदीप कुमार कहते हैं कि लोग सेव व कीवी जैसे फल 150 से 200 रुपए में खरीद लेते हैं, लेकिन शिमला मिर्च सब्जी होने के नाते महंगी नहीं खरीदते। रंगीन शिमला मिर्च एक तरह से पकी हुई सब्जी या फल ही है, जो मीठा होता है। रंगीन शिमला मिर्च का उपयोग सलाद, सूप, पिज्जा, पास्ता, दलिया आदि में प्रमुखता से किया जाता है।

यह भी पढ़ें- लूणी में गरजे हिमंत सरमा, कहाः फ्री मोबाइल दे अपना चुनावी खर्चा निकाल रही है गहलोत सरकार

शिमला मिर्च महत्वपूर्ण क्यों
- 213 प्रतिशत पूरे दिन की जरुरत का विटामिन सी की पूर्ति
- 93 प्रतिशत पूरे दिन की जरुरत का विटामिन ए की पूर्ति
- टमाटर के समान लाल शिमला मिर्च में एंथोसाइनिन व लाइकोपिन प्रोस्टेट कैंसर से बचाता है।
- वसा नहीं के बराबर, ह्रदय रोगियों के लिए लाभकारी



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/hlFQJ6V
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment