कमिश्नर कार्यालय के कैशियर चालान जुर्माने के 43.86 लाख रुपए डकारे

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जोधपुर।
पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर के तत्कालीन कैशियर ने एमवी एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने पर बनाए चालान के बदले जमा होने वाली प्रशमन यानि जुर्माना राशि में से 43.86 लाख रुपए गबन कर लिए। पुलिस मुख्यालय में पुलिस कमिश्नरेट व आरटीओ की मासिक आय रिपोर्ट मिलान न होने पर जांच करने पर घोटाला उजागर हुआ। सरदारपुरा थाने में धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज कर तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार किया गया है। (43.86 Lakh Rs fraud in police commissionerate Jodhpur)
पुलिस के अनुसार बालसमन्द में आदित्य नगर निवासी पवेन्द्रसिंह पुत्र डूंगरसिंह राठौड़ ने जयपुर में वैशाली नगर निवासी हेमंत पालावत के खिलाफ धोखाधड़ी व चालान प्रशमन के 43.86 लाख 500 रुपए का गबन करने का मामला दर्ज कराया है। आरोपी हेमंत पुलिस कमिश्नर कार्यालय में सहायक संस्थापन शाखा में कनिष्ठ लिपिक है।
थानाधिकारी जब्बरसिंह चारण ने बताया कि जांच के बाद कमिश्नरेट के तत्कालीन कैशियर जयपुर के वैशाली नगर निवासी हेमंत पालावत पुत्र पुत्र आत्माराम चारण को गिरफ्तार किया गया है। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश करने पर तीन दिन रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए हैं।
ऐसे खुली गड़बड़ी की पोल
एमवी एक्ट में चालान से जमा कैश जुर्माना राशि आरटीओ रेवेन्यू हेड से राजकोष में जमा होती है। यातायात शाखा से कांस्टेबल दिनेश कुमार व राकेश कुमार यह राशि एसबीआइ बैंक में जमा करवाते हैं। इसके लिए कैशियर शाखा से जीआरएन चालान की हार्ड कॉपी लेकर बैंक जाते हैं, जहां राशि जमा करवाने के बाद चालान पर बैंक की सील लगाकर रसीद के तौर पर जीएनआर दो प्रतियों पर बैंक की सील लगाकर राशि जमा होने की एन्ट्री की जाती है। हर माह के अंत में मासिक आय रिपोर्ट पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर से पुलिस मुख्यालय भेजी जाती है। दूसरी ओर, आरटीओ ई-ग्रास रिपोर्ट से भी इस राशि के संबंधित मद में जमा होने की सूचना पुलिस मुख्यालय भेजी जाती है। वहां दोनों रिपोर्ट से जमा होने वाली जुर्माना राशि का मिलान होता है। 28 अगस्त को पुलिस मुख्यालय से राशि का मिलान न होने की जानकारी मिली थी।
आरटीओ से मिलान करने पर घोटाला सामने आया
पुलिस मुख्यालय की सूचना पर कमिश्नरेट के वर्तमान कैशियर पवेन्द्रसिंह आरटीओ पहुंचे, जहां मासिक आय रिपोर्ट की तुलना की तो मई, जून, जुलाई व अगस्त में घोटाला होने की पुष्टि हुई। पुलिस के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। फिर एफआइआर दर्ज कराई गई।
चार चालान में 43.86 लाख रुपए का गबन
दिनांक.................चालान राशि (रुपए में)
1 मई...................12,72,800
26 जून................11,63,800
26 जुलाई.............11,05,300
11 अगस्त..............8,44,600
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कुल...................... 43,86,500 रुपए
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