‘डॉ. भाटी ने राजस्थानी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया’

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पुस्तक ‘राजस्थानी अभिलेखीय स्रोत’ का विमोचन
जोधपुर. जयनारायण व्यास विवि हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महीपाल सिंह राठौड़ ने कहा है कि कवि डॉ. नारायण सिंह भाटी राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं इतिहास के प्रति जो साधना रही है, वह आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने साहित्य सृजन के माध्यम से राजस्थानी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा दिया।
प्रो. राठौड़ सोमवार को राजस्थानी शोध संस्थान, चौपासनी में डॉ. नारायण सिंह भाटी की 93वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी की पुस्तक ‘राजस्थानी अभिलेखीय स्रोत’ का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि डॉ. भाटी ने न केवल राजस्थानी भाषा में काव्य का सृजन किया बल्कि मारवाड़ रा परगनां री विगत जैसे इतिहास ग्रंथ का सम्पादन कर इतिहास जगत के लिए शोध के द्वार खोल दिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में चौपासनी शिक्षा समिति के प्रशासक मेजर जनरल शेरसिंह, ने कहा कि राजस्थानी शोध संस्थान चौपासनी सन् 1़955 से प्रगति के पथ पर है।
कार्यक्रम में मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के महाप्रबन्धक जगत सिंह राठौड़, डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी ने भी विचार रखे। समारोह में पूर्व सांसद डॉ. नारायण सिंह माणकलाव, प्रो. जहूरखां मेहर, डॉ. हुकम सिंह भाटी, डॉ. आईदान सिंह भाटी सहित कई विद्वान एवं शोधार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन व आभार संस्थान के शोध अधिकारी डॉ. सद्दीक मोहम्मद ने किया।



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