जोधपुर।
आरपीएससी (RPSC) की ओर से आयोजित द्वितीय ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के ग्रुप ए में रविवार को कॉक्स कूटीर के पास विद्यालय में मूल अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे सैकण्ड ग्रेड शिक्षक (teacher caught as dummy candidate) पकड़ा गया। वह 5 लाख रुपए में डमी अभ्यर्थी बनने को तैयार हुआ था और उसे 50 हजार रुपए अग्रिम दिए गए थे। शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। (2nd grade teacher exam)
थानाधिकारी जोगेन्द्रसिंह ने बताया कि सैकण्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के ग्रुप-ए के तहत कॉक्स कूटीर के पास बाल मंदिर पब्लिक स्कूल में पहली पारी की परीक्षा शुरू हुई। कमरा-3 में प्रवेश पत्र और आवेदन पत्र में लगे फोटो से मिलान करने पर परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी पर वीक्षक को संदेह हुआ। केन्द्राधीक्षक व अन्य को बुलाकर जांच की गई तो बाड़मेर जिले में धोरीमन्ना तहसील के बूल गांव निवासी राजूराम पुत्र रामकिशन बिश्नोई के स्थान पर रमेश उर्फ रामचन्द्र बिश्नोई परीक्षा देने का पता लगा।
जांच व तस्दीक करने के बाद पुलिस बुलाकर रमेश उर्फ रामचन्द्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया। केन्द्राधीक्षक लीला शर्मा की ओर से राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद बतौर फर्जी अभ्यर्थी बाड़मेर जिले में धोरीमन्ना तहसील के रेबारियों की बेरी निवासी रमेश उर्फ रामचन्द्र (29) पुत्र भोमाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। जबकि मूल अभ्यर्थी बूल गांव निवासी राजूराम बिश्नोई पकड़ में नहीं आ पाया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चंचल मिश्रा मामले की जांच कर रही हैं।
खुद द्वितीय ग्रेड शिक्षक, रुपए के लालच में फंसा
पुलिस का कहना है कि मूल अभ्यर्थी राजूराम फर्जी अभ्यर्थी रामचन्द्र के पिता के मामा का पोता है। फर्जी अभ्यर्थी सैकण्ड ग्रेड शिक्षक एचएम है। वह मूल अभ्यर्थी के गांव बुलडारों की बेरी में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित है। वह 5 लाख रुपए में फर्जी अभ्यर्थी बनने को राजी हुआ था और उसे पचास हजार रुपए अग्रिम दिए गए थे।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/OtpYZnC
0 comments:
Post a Comment