मारवाड़ री बात--- हर आरोप का निशाना वोट

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संदीप पुरोहित/जोधपुर में विगत दिनों हुए अपराधों के ईद-गिर्द ही सियासत घूमी । नेताओं ने एक दूसरे पर खूब आरोप लगाए हैं। दिव्या मदेरणा का खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करने का बयान भी खूब चर्चा में रहा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह का उनको अपनी बहन कहने पर भी सियासी खेमों में खूब चटकारे लिए गए। वहीं शेखावत ने लाल डायरी को लेकर भी सोशल मीडिया में तंज कसा और जमकर बरसे। भाजपा जयपुर चलो आह्वान की तैयारियां भी जोरों पर है। भाजपा कांग्रेस के खिलाफ एफआईआर कैंपेन फेल इनफार्मेशन रिपोर्ट शुरू कर रही है। लोगों से शिकायत दर्ज कराई जाएगी। हर विधानसभा में 2 कैंप लगाए जाएंगे। विधायक सांसद व स्थानीय नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य है। एफआईआर बुक और कैनोपी हर विधानसभा क्षेत्र में पहुंच चुकी है। उधर, जैसलमेर में भी राजनीतिक हलचल बढ़ती जा रही है। पोकरण में रविवार को मेघवाल समाज के छात्रावास लोकार्पण व प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदे को नजरअंदाज किया गया, जो चर्चा का विषय रहा। उघर बाड़मेर में बायतु विधायक हरीश चौधरी औैर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर थी पर हरीश भारी पड़े। मामला पाटोदी पंचायत समिति की प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का था। प्रधान ममता प्रजापत के अविश्वास प्रस्ताव की बाड़ाबंदी एक महीना से अधिक चली और कोर्ट तक मामला गया। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष और राज्य महिला आयोग को भी बाड़मेर आना पड़ा। आखिरकर ममता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। वहीं विधायक मेवाराम जैन ने फर्जी पट्टों के मामले में घिरते ही कहा कि भूमाफिया अति कर रहा है और वह अब किसी के नियंत्रण में नहीं है। रालोपा के हनुमान बेनिवाल ने बायतु में एक कार्यक्रम में शरीक होकर फिर हुंकार भरी है। चुनाव सामने हैं पाटियां खूब आरोप लगा रही है। पर हर आरोप का निशाना एक ही वह है वोट।

दूसरी ओर पाली में भी भाजपा और कांग्रेस ने विधानसभावार प्रभारी नियुक्त किए हैं।पाली कांग्रेस को अभी कार्यकारिणी का इंतजार है। भाजपा के जिलाध्यक्ष बदलने की भी चर्चाएं हैं। हालांकि, चुनावों की निकटता के कारण एक्सटेंशन देने पर भी विचार किया जा सकता है। पाली में विधायक ज्ञानचंद पारख और नगर परिषद सभापति के पति राकेश भाटी के बीच जुबानी जंग जारी है। भाटी ने अपने जन्म दिन पर रक्तदान शिविर के नाम पर बड़ा आयोजन किया। इसमें विधायक निशाने पर रहे। भाटी ने आह्वान किया कि इस बार परिवर्तन करें नहीं तो आने वाली पीढियां माफ नहीं करेंगी। भाटी अब भी भाजपा से निष्कासित है, लेकिन विधायक से उनकी ठनी हुई है।
वहीं नागौर में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने से कार्यकर्ताओं में फीलगुड का दौर जारी है। यहां के सीआर चौधरी को बीकानेर संभाग और जगबीर छाबा को जोधपुर संभाग का प्रभारी बनाया है। दोनों नेताओं की विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने से कार्यकर्ताओं में हर्ष है। आलाकमान के शब्दों को मापतोल कर बोलने की नसीहत के बाद से ही नागौर के कांग्रेस खेमे में अभी सन्नाटा सा पसरा हुआ है। पिछले दिनों मकराना सीआई को हटाने के लिए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत के सीएमओ और कांग्रेस प्रदेश प्रभारी तक पहुंचने की खासी चर्चा रही है।



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