जोधपुर।
मासूम बालक बालिकाओं के सिर, हाथ व पांवों पर बंधी पट्टियां और पट्टियों के बीच में से नजर आ रहा खून। मासूम चेहरों पर हंसी व मुस्कान की जगह खौफ। यह खौफनाक दृश्य था मथुरादास माथुर अस्पताल के ट्रोमा सेंटर का, जहां जैसलमेर जिले के भैंसड़ा गांव में बुधवार को स्कूल बस के पलटने से घायल 12 मासूम विद्यार्थियों व एक शिक्षिका को लाया गया। एम्बुलेंस व एक अन्य कार से घायल मासूम ट्रोमा सेंटर पहुंचे तो मदद को तैयार खड़े लोग गोद में उठाकर अंदर तक लाए। पहले से मुस्तैद चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ भी तुरंत ही उपचार में जुट गए। फिलहाल सभी को भर्ती किया गया है और हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। स्कूल के शिक्षक विक्रमसिंह की रास्ते में मौत हो गई।
दौड़ते-भागते अस्पताल पहुंचे परिजन
हादसे होते ही घायलों के समुचित उपचार के लिए एमडीएम अस्पताल में सूचित कर दिया गया। जिसकी वजह से इलाज की सभी तैयारियां पहले से कर ली गईं थी। मासूमों के अस्पताल पहुंचते ही एकबारगी भीड़ हो गई। दौड़ते-भागते आए परिजन के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें नजर आ रहीं थीं। कुछ बच्चों के स्थानीय परिजन तुरंत ही अस्पताल आ गए। मासूमों की हालत देख एकबारगी घबरा गए, लेकिन समुचित उपचार शुरू होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
संभागीय आयुक्त व कलक्टर पहुंचे अस्पताल
संभागीय आयुक्त कैलाशचन्द्र मीणा, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता के साथ-साथ विधायक मनीषा पंवार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी ट्रोमा सेंटर पहुंचे और घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था करवाई। चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
तीन भाई बहनों सहित 13 घायल
शास्त्रीनगर थानाधिकारी जोगेन्द्रसिंह ने बताया कि शिक्षिका अंजू कंवर (24) पुत्री सवाईसिंह, पृथ्वीसिंह (10) व उसका भाई आसुसिंह (10), हंसु कंवर (8) पुत्री दीपसिंह, उसकी बहन वर्षा कंवर (12) व भाई लक्ष्यराज सिंह (4), जोगराजसिंह (10) पुत्र मनोहरसिंह, जमना कंवर (11) पुत्री सवाईसिंह, जस्सु कंवर (10) पुत्री बाबूसिंह, हैप्पी कंवर (6), मंजू (10) पुत्री तनसिंह, पूनम कंवर (10) पुत्री झुंझारसिंह और आनंदसिंह (8) पुत्र भोमसिंह घायल हुए हैं।
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