आज आसमन म हग ऐस चमतकर एक झटक म गयब ह जएग आपक परछई जनए कस

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जोधपुर। साल के 365 दिनों में चार दिनों की अलग खासियत होती है। इन चार दिनों में 21 मार्च, 21 जून, 23 सितंबर और 22 दिसंबर हैं। 21 जून यानि बुधवार को सबसे लंबा दिन होगा व रात छोटी होगी। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में मौजूद सभी देशों में दिन लंबा और रात छोटी होती है।

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खास बात यह है कि इस दिन दोपहर में एक पल ऐसा भी आएगा, जब परछाई भी मनुष्य और दूसरे जीवित प्राणियों का साथ छोड़ देगी। इस दिन 12 घंटे की जगह 14-15 घंटे का दिन होता है। इसके बाद दिन घटना शुरू हो जाएगा। पं. अनीष व्यास के अनुसार, पृथ्वी की परिक्रमा के कारण 21 जून के बाद दिन की अवधि घटने लगती है और रात की अवधि बढ़ने लगती है। फिर 21 सितंबर को ऐसा समय आता है, जब दिन और रात की अवधि बराबर हो जाती है। इसके बाद 21 सितंबर से रात लंबी होने लगती है और दिन की अवधि घटने लगती है।

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22 दिसंबर को एक उत्तरी गोलार्ध में रात सबसे लंबी हो जाती है और दिन सबसे छोटा हो जाता है। इसके बाद फिर 21 मार्च को सूर्य विषुवत रेखा के ऊपर होता है और इस दिन फिर से दिन और रात की अवधि बराबर हो जाती है। बुधवार को सूर्य मध्याह्न में कर्क रेखा के ऊपर होगा। पं. प्रेमप्रकाश ओझा के अनुसार, इस दिन सूर्य का प्रकाश धरती पर सबसे लंबे समय तक रहेगा। पृथ्वी पर दिन सुबह जल्दी होगा जबकि सूर्यास्त देर से होगा। इस कारण सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होगी।



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