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जोधपुर। करीब सौ साल पहले बने खरबूजा बावड़ी स्थित मंदिर एक बार फिर डूब गया है। सीवरेज की समस्या के कारण यहां बने हुए शिवलिंग और शिव परिवार की पूजा नहीं हो पा रही है। समस्या लंबे समय से चल रही है। बारिश के दौरान न तो पुजारी यहां आते है और न ही मंदिर के कपाट खुलते है। हैरत की बात यह है कि हर साल भोलेनाथ को बारिश के दौरान महीनों तक सीवरेज के पानी में डूबे रहना पड़ता है।

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दरअसल, हर साल पानी भरने के कारण मंदिर में लोगों का आना-जाना तो दूर की बात है यहां के पुजारी भी मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाते हैं और भगवान शिव का अभिषेक भी नहीं होता है। इससे यहां रहने वाले लोगों की भावना को ठेस पहुंच रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार हर साल जुलाई से सितंबर तक यहां शिव मंदिर में महादेव की पूजा नहीं होती है, लेकिन इस बार बिपरजॉय चक्रवात के कारण अभी से ही पूजा नहीं हो पा रहीहै। इस साल भी महादेव घुटने तक पानी में परिवार सहित डूबे हुए हैं। बावजूद इसके निगम यहां से पानी निकालने में पूर्ण रूप से नाकारा साबित हो रहा है।

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मौके पर पहुंचीं विधायक
खरबूजा बावड़ी की खराब स्थिति को देखते हुए सोमवार को सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास निरीक्षण करने पहुंची। क्षेत्रवासियों ने उन्हें समस्या से अवगत करवाया। विधायक ने इस समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों से बात की। क्षेत्रवासियों के अनुसार कुछ वर्षों पहले मंदिर के चारों ओर काफी पानी भर गया था। लोगों के आवाजाही के लिए उस समय नाव तक चलानी पड़ी थी। इसके बाद भी प्रशाासन आंखें मूंद कर बैठा रहा।


एक हजार लोग प्रभावित
बिपरजॉय की बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में पानी भर गया है। इससे यहां रहने वाले कई लोग पलायन कर गए है। जो लोग यहां रह रहे है वे घरों में कैद होकर रह गए है, क्योंकि उनके घरों के अंदर और बाहर इतना पानी है कि कोई बाहर तक नहीं निकल पा रहा है। इससे करीब एक हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं।



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