जोधपुर।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) नए परिसर के छात्रावास में तोड़-फोड़ व छात्रों से मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की बजाय पीडि़त छात्र को ही पकड़कर थाने लाने के मामले में भगत की कोठी थाने में एक उप निरीक्षक (थानेदार) व एक एएसआइ को गुरुवार को लाइन हाजिर कर दिया गया। (SI & ASI send to line)
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) गौरव यादव ने बताया कि प्रकरण में सहायक पुलिस आयुक्त को जांच सौंपी गई है। जांच प्रभावित न हों इसलिए एसआइ महादेव और एएसआइ प्रहलाद मीणा को थाने से हटाकर लाइन में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
राजस्थान पत्रिका ने उजागर किया था मामला
छात्रावास में तोड़-फोड़ व छात्रों से मारपीट के मामले में 4 एफआइआर दर्ज कराई जा चुकी है। एक एफआइआर परस्पर विरोधी दर्ज है। पुलिस अभी तक आरोपी पकड़ नहीं पाई है। उलटा गत 26 मई को पीडि़त छात्र अनीश को ही पकड़कर थाने ले गई थी, जहां उसके साथ कथित मारपीट भी की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में एक जगह दबिश दी थी, लेकिन वहां छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और पुलिसकर्मियों के बीच कथित मिलीभगत का ऑडियो वायरल हो गया था। जिसमें पुलिस पीडि़त छात्र पर ही एफआइआर दर्ज करने की सलाह दे रहे थे। राजस्थान पत्रिका ने 28 मई को पृष्ठ 16 पर 'वायरल ऑडियो : पीडि़त छात्र को थाने पकड़कर ले आई पुलिस, पट्टे भी लगाए!' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही उजागर की थी।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/b1XUkRZ
0 comments:
Post a Comment