rajasthan politics : राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस हो या भाजपा सबने जीत के लिए अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। इस राजनीतिक शतरंज में एक सवाल हर पार्टी में बना हुआ है कि राजा कौन यानी चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टी की तरफ से प्रस्तावित मुख्यमंत्री कौन होगा?
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भाजपा में भी इस बार तस्वीर साफ होती दिखाई नहीं दे रही है। जोधपुर सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम प्रकाश माथुर ने कहा है कि केन्द्रीय संसदीय बोर्ड जो निर्णय करेगा उसे पार्टी का हर कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी समझकर पूर्ण करेगा। मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई प्रदेशों में भाजपा ने सीएम का चेहरा घोषित किए बिना भी चुनाव लड़ा और जीता।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उत्तरप्रदेश में चुनाव जीतने के बाद ही मुख्यमंत्री का चेहरा बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माहौल भाजपा के अनुकूल है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि सीएम का चेहरा किसे घोषित किया जाए या चुनाव जीतने के बाद किसे सीएम बनाया जाए।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की कुर्सी की लड़ाई मेंं राजस्थान की जनता भुगत रही है। प्रदेश बर्बाद हो रहा है। साढ़े चार साल में कांग्रेस को याद नहीं आया और अब चुनाव नजदीक है तो राहत कैम्प चलाया जा रहा है। अब जनता भी समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुत देगी।
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