जोधपुर।
पढ़ने लिखने और खेलने कूदने की उम्र वाले नौनिहाल बच्चे अपराध की दुनिया में जा रहे हैं। सोशल मीडिया के मार्फत अपराधियों के दुष्प्रभाव में आकर नाबालिग अपराध की दलदल में धंस रहे हैं। पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर और जोधपुर रेंज के छह जिलों में गत दो साल में 1263 नाबालिगों को पकड़कर निरूद्ध कराया जा चुका है।
अनाथ बच्चों की जगह अपराध से जुड़े बच्चे अधिक
लावारिस व अकेले बच्चों-बच्चियों के लिए राज्य सरकार ने जिलों में किशोर गृह बनवा रखे हैं। अपराध करते पकड़े जाने वाले बच्चों को जेल की बजाय किशोर गृह अथवा बाल सुधार गृह में रखा जाता है। इन किशोर गृहों में लावारिस बच्चों की तुलना में नाबालिगों की संख्या अधिक हो रही है।
मोबाइल व इंटरनेट से अपराधियों से जुड़ रहे बच्चे
कोविड-19 और लॉक डाउन के दौरान स्कूल-कॉलेज की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद से बच्चे मोबाइल के आदी हो चुके हैं। मोबाइल व इंटरनेट के मार्फत बच्चे सोशल मीडिया, यू-ट्यूब पर अपराध व अपराधियों से जुड़े वीडियो व फोटो देखते हैं और उन्हीं से दुष्प्रभाव में आकर अपराधी बनने की सोचने लगते हैं।
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आइपीसी की धाराओं में पकड़े गए नाबालिग
जिला..........................................वर्ष 2021..........................वर्ष 2022
कमिश्नरेट में पूर्व...........................74...................................91
कमिश्नरेट में पश्चिम......................90...................................89
जोधपुर ग्रामीण............................85...................................51
पाली..........................................93....................................83
बाड़मेर.......................................122.................................109
जैसलमेर....................................40...................................42
सिरोही.......................................39...................................69
जालोर.......................................43...................................45
जीआरपी....................................5.....................................6
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विभिन्न एक्ट की कार्रवाइयों में पकड़े गए नाबालिग
जिला..........................................वर्ष 2021..........................वर्ष 2022
कमिश्नरेट में पूर्व...........................5.....................................09
कमिश्नरेट में पश्चिम......................05...................................05
जोधपुर ग्रामीण............................10...................................06
पाली..........................................06....................................07
बाड़मेर.......................................07...................................09
जैसलमेर....................................05...................................04
सिरोही.......................................03...................................03
जालोर.......................................07...................................04
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काफी गंभीर व चिंतनीय है, प्रयास कर रहे हैं...
'बच्चों के अपराध की दुनिया में आना काफी गंभीर व चिंतनीय है। पिछले 2-3 सालों से अपराध में सक्रिय बच्चे अधिक पकड़े जा रहे हैं। राज्य में बड़े अपराधी गैंगवार के लिए नाबालिगों को सॉफ्ट टार्गेट बना रहे हैं। कोविड-19 के बाद से बच्चों के अपराध की दुनिया में आना बढ़ा है। सोशल मीडिया पर अपराधियों के फोटो, वीडियो व लाइव वीडियो का भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। केन्द्र के सूचना व प्रोद्योगिकी विभाग को पत्र लिखकर बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने संबंधी कदम उठाने का आग्रह किया गया है।'
संगीता बेनीवाल, अध्यक्ष, राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग।
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