ROADWAYS--सुनो सरकार! प्रदेश के 25 हजार रोडवेजकर्मियों को दो माह से वेतन नहीं, घर चलाना, किश्तें भरना हुआ मुश्किल

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जोधपुर।

जहां एक ओर राज्य सरकार ने चुनावी वर्ष में कर्मचारियों को खुश करने के लिए उनको जरुरत होने पर आनुपातिक आधार पर माह के बीच में एडवांस सेलेरी की सुविधा की घोषणा की। यह घोषणा तो क्रियान्वित हो न हो, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश के करीब 25 हजार से अधिक रोडवेजकर्मियों को 2 माह से वेतन नहीं मिला है। पिछले करीब दो साल से रोडवेज में यह सिलसिला चल रहा है कि कर्मचारियों को करीब दो-ढाई माह बाद वेतन मिल रहा है। फरवरी माह का वेतन 15 अप्रेल को मिला है, इस हिसाब से अप्रेल का वेतन जून माह में मिलने का अनुमान है। इससे कर्मचारियों को घर चलाने, बच्चों की फीस भरने, बैंक ऋण चुकाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बजट बिगड़ा, शुरू नहीं कर पा रहे शादी की तैयारियां
वेतन के अभाव में कर्मचारियों के घरों का बजट बिगड़ हुआ है। कर्मचारी जैसे-तैसे जुगाड़ कर परिवार पाल रहे हैं। रोडवेज में आम कर्मचारियों की तरह ही कई लोगों ने हाउस लोन, एजुकेशन लोन व वाहन लोन ले रखा है। जहां इन कर्मचारियों के लोन की किस्त समय पर नहीं जाने से जुर्माना राशि लग रही है। रोडवेज यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि कइयों के तो घरों में शादियां है लेकिन वे तैयारियां ही शुरू नहीं कर पा रहे हैं।

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- 2.40 करोड़ का वेतन बकाया जोधपुर डिपो में।
- 400 कर्मचारी, जिनमें चालक, परिचालक, मैकेनिक, ट्रैफिक व अधिकारी-कर्मचारी शामिल।

- 1.35 करोड रुपए आगार कर्मचारियों को भुगतान प्रतिमाह।
- 400 सेवानिवृत्त कर्मचारी।

- 1.03 करोड़ रुपए का भुगतान प्रतिमाह सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रतिमाह।
- 45 हजार किमी का संचालन प्रतिदिन जोधपुर आगार की बसों का।

- 15-20 लाख रुपए राजस्व प्रतिदिन बसों के संचालन से।
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फिक्स वेतन व बस सारथी को भी वेतन के लाले
- जोधपुर डिपो में फिक्स वेतन पर लगे लगभग 40 से 50 कर्मचारी, जिनका मासिक वेतन 11 हजार रुपए है। उनको भी 2 से 3 माह देरी से वेतन मिल रहा है।

- डिपो में करीब 35 बस सारथी के रूप में अनुबंध के तौर पर कार्य परिचालक, जिनका वेतन भी 11 हजारु रुपए हैं, उनको भी 2 से 3 माह देरी से वेतन मिलने से घर चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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निगम से सेवानिवृत्त होने के बाद मात्र पेंशन से परिवार का खर्च वहन करना, जिसका भी समय पर नहीं मिलने से तथा अन्य कोई विकल्प नहीं है। मासिक गुजारा करना मुश्किल है।

द्वारकादास जोशी, सेवानिवृत्त कर्मचारी रोडवेज
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एक्सपर्ट व्यू
राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों के वेतन व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन के स्थाई समाधान के लिए मुख्यमंत्री को बार-बार ज्ञापन व वार्ता कर अवगत कराया कि राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों को राज्य सरकार में शामिल किया जाए। राजकीय कोषागार से मासिक भुगतान प्रक्रिया किया जाना निगम हित में रहेगा । मुख्यमंत्री से इस संबंध में आश्वासन ही प्राप्त हुआ। आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई। इससे कर्मचारियों को सरकार के प्रति रोष है।

धर्मवीर सेन, अध्यक्ष

मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ संघ जोधपुर आगार



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