डॉक्टर बन रेल यात्रियों बेहोश कर लूटता था जेवर-रुपए

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जोधपुर।
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेन में डॉक्टर बन यात्रियों से पहले मित्रता और फिर इलाज करने के बहाने जहरखुरानी कर रुपए-जेवर चोरी करने वाले शातिर बदमाश को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
जीआरपी थानाधिकारी महेश श्रीमाली ने बताया कि 31 जुलाई 2021 को ट्रेन में यात्री को नशीला पदार्थ खिलाने के बाद बेहोश कर कीमती जेवर व रुपए चुरा लिए गए थे। इस संबंध में प्रतापगढ़, यूपी के आगरा, लखनऊ, गोरखपुर व कुशीनगर के बाद दिल्ली में सघन तलाश के बाद मध्यप्रदेश में मंदसौर जिले के रूणिजा नगर निवासी बाबू खां 59 पुत्र भूरे खान को गिरफ्तार किया गया। उससे चोरी के जेवर व रुपए बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्रवाई में हेड कांस्टेबल सुभाषचन्द्र, साइबर सैल के हेड कांस्टेबल दीपेन्द्रपालसिंह, कांस्टेबल मोहनलाल व रिड़मलसिंह शामिल थे।
डॉ मिश्रा बन यात्रियों से मित्रता कर नशीली गोली देता
आरोपी बाबू खां सफारी सूट पहनकर रेल व बसों में डॉ मिश्रा बनकर यात्रता करता है। अकेले यात्रियों से मित्रता कर चलती ट्रेन में छोटी-मोटी बीमारी का इलाज करने का झांसा देता है। बातचीत के बीच वह यात्री से चाय और खुद नमकीन लाता है। वह नमकीन में पेट खराब होने की गोली मिलाकर यात्री को खिला देता है। यात्री को दस्त लगने लगती है। वह डॉक्टर समझ आरोपी को समस्या बताता है। आरोपी उसे बिकासूल कैप्सूल में नींद या नशीली गोली मिलाकर देता है। बेहोश होने पर यात्री को सुलाकर उससे रुपए व जेवर आदि चुराकर चंपत हो जाता है।
तिहाड़ जेल में ली थी मेडिकल की जानकारी
आरोपी वर्ष 1999 से 2009 तक तिहाड़ जेल में बंद रहा था, जहां जेल डिस्पेंसरी में रहकर उसने चिकित्सा व मेडिकल संबंधी कुछ जानकारियां हासिल की थी। इसी के चलते वह डॉक्टर बनकर यात्रियों से मित्रता करता है और फिर जहरखुरानी कर यात्रियों के जेवर-रुपए चुराता है।
पकड़ में आने से बचने के लिए अपनाए हर हथकंडे
- आरोपी फर्जी सिम का की-पेड मोबाइल रखता है। जो माह में एक-दो बार ही चालू करता है। उसने कभी खुद के नाम से सिम नहीं ली।
- वह अपने स्थाई पते पर या परिवार के पास नहीं रहता है।
- उसने अपना आधार कार्ड तक नहीं बनवाया है। न ही बैंक खाता है।
- वह शौक मौज के लिए जहरखुरानी व चोरी करता है।
- खुद को स्टैण्डर्ड दिखने, लोगों में भरोसा जताने के लिए हमेशा सफरी सूट पहनता है।
आरोपी का अपराधिक रिकॉर्ड
- आरोपी राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, बिहार, यूपी व महाराष्ट्र में वारदातें कर चुका है। अहमदाबाद के जीआरपी में तीन, जीआरपी राजकोट व रतलाम में दो-दो और कोटा के भीमगंज मण्डी में एक स्थाई वारंट जारी हो रखा है।
- वह वर्ष 1999 से 2009 तक तिहाड़ जेल, वर्ष 2015 से 2017 तक रतलाम और वर्ष 2020 से 2021 तक साबरमती जेल में बंद रहा था।



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