जोधपुर. शहर में बेकाबू हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए नगर निगम नई पहल करने जा रहा है। अब आपके घर के द्वार बिना धुंआ छोड़ने वाला हूपर (कचरा संग्रहण करने वाला वाहन) हर रोज पहुंचने वाला है। यह न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल होगा, बल्कि इसकी लागत भी डीजल वाहनों के मुकाबले काफी कम होगी। प्रारंभिक तौर पर 20 इलेक्ट्रिक हूपर तैयार किए गए हैं जो जल्द ही शहर में कचरा संग्रहण के उपयोग में लिए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे हूपर
शहर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है। इस कारण कचरा संग्रहण में उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रिक हूपर पर्यावरण संरक्षण के तौर पर बड़ा संदेश देंगे। वर्तमान में निगम उत्तर और दक्षिण में करीब 250 वाहन रोजाना कचरा संग्रहण के उपयोग में लिए जा रहे हैं। भविष्य में निगम इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाएगा। इससे प्रदूषण का स्तर भी कम होगा।
यों समझें फायदा
-कचरा संग्रहण कर रहे एक छोटे वाहन में सौ किलोमीटर की दूरी में करीब 4 लीटर डीजल खर्च होता है। इसकी लागत करीब 4 सौ रुपए आती हैं।-इलेक्ट्रिक हूपर पर 100 किलोमीटर में महज 50 रुपए का खर्च आएगा। यानी, इलेक्ट्रिक हूपर से 300 रुपए से ज्यादा का डीजल खर्च बचेगा।
-इलेक्ट्रिक हूपर की बेटरी चार घंटे में 100 किलोमीटर तक के लिए चार्ज हो सकेगी। इसमें महज दो यूनिट बिजली खर्च होगी। इसकी लागत 50 रुपए तक आएगी।-इलेक्ट्रिक हूपर का मेंटेनेंस चार्ज भी नहीं होगा। न ऑयल बदलने की जरूरत होगी और न ही अन्य कोई खर्च।
-निगम पर वाहनों के खर्च का भार भी कम होगा। यह पैसा शहर की स्वच्छता पर खर्च किया जा सकेगा।
फैक्ट फाइल
20 इलेक्ट्रिक हूपर से होगा कचरा संग्रहण
122 वाहन दक्षिण में कर रहे कचरा संग्रहण
130 वाहन उत्तर में उठाते हैं घरों से कचरा
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