ASTROLOGY--मई-जून में फिर बजेंगी शहनाइयां

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जोधपुर।
देवगुरु बृहस्पति के 29 अप्रेल मेष राशि में उदय होने के साथ ही शुभ-मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। साथ ही, मई-जून माह में फिर से शहनाइयां बजेंगी व वैवाहिक कार्य होंगे। ज्योतिष शास्त्र अनुसार गुरू अस्त होने के कारण विवाह कार्य वर्जित माने गए है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार मई मे 14, जून में 11, नवंबर में 5 और दिसंबर में 7 विवाह मुहूर्त हैं। 29 जून से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। अधिकमास होने से पांच महीने चातुर्मास रहेगा। इस दौरान विवाह कार्य नहीं होंगे।
27 जून भड़ली नवमी शादी का अबूझ महुर्त हैं। देवशयनी एकादशी 29 जून से 23 नवंबर देवउठनी एकादशी तक सावे नहीं हो सकेंगे। देवउठनी एकादशी का अबूझ सावा रहेगा। इसके बाद लग्न मुहूर्त शुरू होंगे।
इसके बाद 16 दिसंबर से 14 जनवरी 2024 तक धनु के सूर्य खरमास में विवाह बंद रहेंगे।
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15 मार्च से बंद हुए थे मांगलिक काम
गत माह 15 मार्च को सूर्य मीन राशि में आ गया था। जिससे खरमास शुरू हो गया था। खरमास के दौरान गुरु की राशि में सूर्य होने से ज्योतिष ग्रंथों में मांगलिक कामों की मनाही होती है। इस कारण शादी, सगाई, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे कामों के लिए मुहूर्त नहीं थे। खरमास 15 मार्च से 14 अप्रेल तक था। सूर्य के मीन राशि में आने से इस दरम्यान गुरु अस्त हो गया और अप्रेल में मुहुर्त के अभाव में मांगलिक कार्यो पर रोक लग गई।
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मई-जून व नवम्बर-दिसम्बर में विवाह मुहुर्त
पंचांग के अनुसार मई में 14, जून में 11, नवंबर में 5 और दिसंबर में 7 विवाह मुहूर्त हैं।
मई- 4, 6, 8, 9, 10, 11, 15, 16, 20, 21, 22, 27, 29, 30।
जून- 1, 3, 5, 6, 7, 11, 12, 23, 24, 26, 27।
नवंबर - 23, 24, 27, 28, 29।
दिसंबर- 5, 6, 7 8, 9, 11, 15।
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ग्रह-नक्षत्र वैवाहिक जीवन को प्रभावित करते हैं। ग्रह-नक्षत्रों की मौजूदगी के अनुसार रेखा का निर्धारण होता है। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त दस रेखाओं का माना जाता है। नौ रेखाओं का सावा भी उत्तम माना है। सात से आठ रेखाओं का मुहूर्त मध्यम मानते हैं। जितनी ज्यादा रेखाएं होंगी, मुहूर्त उतना ही शुद्ध होता है।
पं कमलेशकुमार दवे, ज्योतिषी
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल में अबूझ मुहूर्त होते हैं। ग्रह-नक्षत्रों के संयोग से बने शुभ योग में ही शादी, मुंडन, जनेऊ, ग्रह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जाते हैं। शुभ मुहूर्त में किए गए मांगलिक और शुभ कार्य बिना किसी विघ्न बाधा के संपन्न होते हैं।
पं अनीष व्यास, ज्योतिषी

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