ROADWAYS - 54 प्रकार की रियायतें दी जा रही राजस्थान रोडवेज की बसों में

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?


जोधपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो दिन पहले राज्य बजट में विभिन्न घोषणाओं के साथ राजस्थान राज्य पथ परिवहन (रोडवेज) बसों में सफर करने वाले यात्रियों को रियायतों की सौगातें दी। लेकिन मुश्किल दौर से गुजर रही रोडवेज को सुविधाएं के नाम पर कुछ नहीं दिया। वहीं संसाधन, मैन पॉवर नहीं होने की िस्थति में रोडवेज के लिए इन रियायतों को आर्थिक के साथ व्यवहारिक दृष्टि से झेलना मुश्किल हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि रोडवेज जोधपुर डिपो की करीब 105 बसों में 25-30 हजार यात्री प्रतिदिन सफर कर रहे है।

----
इस बजट में ये दी रियायतें

- महिलाओं को रोडवेज बस किराए में 30 की जगह 50 प्रतिशत छूट।

- स्काउट गाइड एनसीसी अवार्डी के लिए फ्री यात्रा।

- स्टूडेन्ट को 75 किमी तक रियायती यात्रा किराए में छूट।

-------------

संसाधन नहीं, लागू करना चुनौती

सरकार की ओर से रियायतों की तो बारिश की गई। लेकिन रोडवेज में संसाधन, पर्याप्त बसें बढ़ाने, कर्मचारियों की नई भर्ती करने को लेकर घोषणा नहीं की गई। रोडवेज प्रबंधन में सभी रुटों के लिए न तो पर्याप्त बसों का बेड़ा है न ही अन्य संसाधन। वर्ष 2004 में निगम में करीब 25 हजार से अधिक नियमित कर्मचारी व करीब 5 हजार से अधिक बसों का बेड़ा हुआ करता था। लेकिन सरकार ने 2013-14 के बाद नई भर्ती नहीं निकाली, ऐसे में वर्तमान में प्रदेश में केवल 12 हजार कर्मचारी ही कार्यरत है। इससे

बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।

--------------------

54 प्रकार की रियायतें
रोडवेज की ओर से वर्तमान में करीब 54 प्रकार की रियायतें दी जा रही है। जिनमें अधिस्वीकृत पत्रकारों, स्वतंत्रता सेनानियों, उनका एक सहयोगी व उनकी विधवाओं, शहीदों की विधवाएं, पद्म पुरस्कार, राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, अन्तरराष्ट्रीय खेलों में राज्य के पदक विजेता, सशस्त्र सेना के शौर्य पदक धारक, 80 वर्ष से अधिक उम्र के महिला-पुरुष निशुल्क व उनके एक सहयोगी, 60 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिक, महिलाओं आदि को रियायतें दी जा रही है।

इनके अलावा, थैलेसीमिया, कैंसर, एड्स, दिव्यांग, हीमोफीलिया, तेजाब हमला पीडि़त, बौनापन, मानसिक विमंदित, पार्किंसन रोगी, असंक्रामक कुष्ठ रोगी आदि को भी किराए में छूट दी जा रही है।
--------

रियायतों के साथ संसाधन मिलते तो रोडवेज संचालन में आसानी होती।

उम्मेदसिंह, मुख्य प्रबंधक
रोडवेज जोधपुर
----------

बजट में ओपीएस व नई बसों के लिए आभार। रोडवेज को राज्य सरकार में शामिल करने, कर्मचारियों की नई भर्ती आदि मांगें लंबित है। सरकार से इन मांगों के लिए फिर आग्रह करेंगे।
धर्मवीर सैन, अध्यक्ष

मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ कर्मचारी संघ



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/MjxTNmZ
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment