Lawrence Bishnoi : पूर्व सैनिक के मार्फत जोधपुर में पांव जमाने लगा लॉरेंस का भाई!

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जोधपुर।
रंगदारी (Extortion) के लिए मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या के बाद छह साल बाद फिर से पंजाब का कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) व उसका भाई अनमोल (Anmol Bishnoi) जोधपुर में पांव जमाने लगे हैं। इसके लिए अनमोल के जोधपुर के कुछ बदमाशों से सम्पर्क में होने का पता लगा है। चोखा सरपंच की हत्या की फिराक में शूटरों के साथ गिरफ्त में आने वाला पूर्व फौजी उम्मेद सिंह से पूछताछ और मोबाइल की जांच में यह सामने आया है।
पुलिस ने चोखा सरपंंच की हत्या की फिराक में होने का पता लगने के बाद मण्डोर थानान्तर्गत ओगड़ेश्वर महादेव मंदिर के पास पहाड़ी में तलाश के बाद चाबा गांव निवासी उम्मेदसिंह, सुवालिया निवासी रावलसिंह, सूंथला निवासी ईश्वर सोलंकी, चौपासनी में अपना नगर निवासी अमित पारीक, शेरगढ़ में गुमानसिंह पुरा निवासी ईश्वरसिंह व माता का थान में अशोक कॉलोनी निवासी आयूष पण्डित को गिरफ्तार किया गया था। इनसे छह पिस्तौलें, 15 मैग्जीन, 17 जिंदा कारतूस जब्त किए गए थे।
कनाडा में लगातार सम्पर्क में था उम्मेदसिंह
पुलिस ने हार्डकोर बदमाशा उम्मेदसिंह के मोबाइल की जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। उसके कनाडा में बदमाशों से सम्पर्क हैं। वह हर कुछ दिन बाद कनाडा में बात कर रहा था। लॉरेंस के कुछ गुर्गे भी कनाडा में सक्रिय हैं। इससे अंदेशा है कि लॉरेंस गैंग उसके मार्फत जोधपुर में जड़े जमाने की फिराक में है।
जयपुर में गोलियां चलाने वाले शूटरों का मददगार
पुलिस का कहना है कि चार हजार रुपए का ईनामी बदमाश उम्मेदसिंह लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के सम्पर्क में था। गत दिनों रंगदारी वसूलने के लिए जयपुर के एक क्लब में फायरिंग के मामले में भी उम्मेदसिंह की भूमिका सामने आई है। फायरिंग करने वाले शूटरों का उम्मेदसिंह ने जयपुर की होटलों ठहराया था और आर्थिक मदद भी की थी।
फर्जी पासपोर्ट से कनाडा जाने की थी साजिश
चोखा सरपंच की हत्या के बाद उम्मेदसिंह व शूटरों के जैसलमेर भागने की साजिश थी। इसके बाद वे फर्जी पासपोर्ट से कनाडा भागने वाले थे। लॉरेंस के भाई अनमोल ने उम्मेसिंह को भरोसा दिलाया था कि वह उन्हें कनाडा भेज देगा।
एलएमजी कारतूस मिले, गन के बारे में पूछताछ
प्रकरण में उम्मेदसिंह, रावलसिंह व आयूष को तीन-तीन दिन रिमाण्ड पर हैं। चाबा गांव में उम्मेदसिंह के घर से लाइट मशीन गन एलएमजी के 58 और 32 बोर बंदूक के 3 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। जबकि गन अभी तक नहीं मिली है। इस संबंध में उम्मेदसिंह से पूछताछ की जा रही है।



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