जोधपुर.ढाई वर्ष पूर्व चूरू के राजगढ़ पुलिस थाना के तत्कालीन सीआई विष्णुदत्त के आत्महत्या मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। जोधपुर की एक अदालत ने मामले में पुलिस द्वारा पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट के विरुद्ध प्रोटेस्ट पिटिशन को स्वीकार करते हुए सादुलपुर विधायक और पूर्व एथलीट कृष्णा पूनिया के खिलाफ वारंट जारी कर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को मुकर्रर की गई है। अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीबीआई प्रकरण) जोधपुर महानगर के पीठासीन अधिकारी डॉ पवनकुमार ने पुलिस द्वारा पेश की गई एफआर संख्या 3/2022 के तहत आर्डर जारी किया।
कोर्ट ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 के तहत परिवादी द्वारा पेश की गई नाराजगी याचिका को स्वीकार कर विधायक पूनिया के खिलाफ वारंट जारी किया।
परिवादी संदीप विश्नोई के अधिवक्ता ने नाराजगी याचिका पेश कर निवेदन किया कि मृतक विष्णुदत्त ईमानदार अधिकारी की छवि वाला व्यक्ति था,बिना भेदभाव अपने कर्तव्य पालन कर रहा था इस दौरान स्थानीय विधायक कृष्णा पूनिया अनुचित दबाव एवं दखल करने लगी, मृतक द्वारा उसकी कोई बात नहीं माने जाने पर थाना स्टाफ के विरुद्ध स्थानांतरण करने की उच्च अधिकारियों को झूठी शिकायत कर दी।
दिवंगत पुलिस अधिकारी विष्णुदत्त ने अपना स्थानांतरण गैर फील्ड पोस्टिंग एरिया में कराने के लिए भी पुलिस अधीक्षक चूरू को निवेदन किया था जिसे स्वीकार नहीं किया गया । कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और अनुसंधान अधिकारी द्वारा पेश की गई एफआर के मध्यनजर प्रोटेस्ट पिटिशन स्वीकार कर ली। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि पत्रावली पर आई साक्ष्य से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय एमएलए कृष्णा पूनिया का पुलिस थाना राजगढ़ के राजकार्य में लगातार अनावश्यक,अनैतिक व अनुचित हस्तक्षेप रहा, जिससे मृतक विष्णुदत्त तनाव में जी रहा था.
इसकी पुष्टि सुसाइड नोट, मृतक की पत्नी से हुई चैट सहित अन्य तथ्यो से होती है। कोर्ट ने तमाम तथ्यों के मद्देनजर विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत पर प्रसंज्ञान लेने को उचित ठहराया। कोर्ट ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 204 की पालना के तहत आरोपी कृष्णा पूनिया पत्नी वीरेंद्र पूनिया के खिलाफ दस हजार का जमानती वारंट जारी कर आगामी 4 मार्च को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
यह है मामला
मृतक विष्णुदत्त के बड़े भाई संदीप विश्नोई ने पुलिस स्टेशन में लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 24 मई 2020 को चूरू जिले के राजगढ़ पुलिस थाना के थानाअधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई अपने सरकारी क्वार्टर के पंखे से लटके हुए मिले। विष्णु दत्त की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है इस संबंध में विस्तृत जांच की मांग की। राजगढ़ पुलिस थाना ने एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया मुकदमा दर्ज होने के बाद एफआईआर संख्या 147/2020 को जयपुर सीआईडी सीबी के पुलिस अधीक्षक आईपीएस विकास शर्मा को अनुसंधान के लिए भेजा गया।
मृतक का पोस्टमार्टम करवाया तथा सुसाइड नोट जप्त किए गए। अनुसंधान के बाद अधिकारी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी इस क्लोजर रिपोर्ट में कृष्णा पूनिया द्वारा किसी भी प्रकार के दबाव को दरकिनार करते हुए विष्णुदत्त विश्नोई की मृत्यु को सुसाइड मानते हुए केस बंद कर दिया।
इसके खिलाफ परिवादी संदीप के अधिवक्ता ने नाराजगी याचिका पेश की इसी प्रोटेस्ट पिटिशन को स्वीकार करते हुए सीबीआई कोर्ट ने पुनिया के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।
एमएलए के खिलाफ संगीन आरोप
पुलिस एफआईआर में परिवादी ने सादुलपुर विधायक कृष्णा पूनिया के खिलाफ सिलसिलेवार गंभीर आरोप लगाए, इसमें बताया गया कि राजगढ़ थाना के नए भवन के उद्घाटन में सीआई द्वारा पूनिया को नहीं बुलाने कारण विधायिका नाराज हो गई। कृष्णा पूनिया ने विष्णुदत्त के खिलाफ मादक पदार्थ परिवहन करने वाले ट्रक ड्राइवरों से 35 लाख रुपए लेने की पुलिस अधीक्षक चूरू को झूठी शिकायत पेश कर दी।
पूनिया ने मुख्यमंत्री कार्यालय में राजगढ़ पुलिस थाना के नए भवन के लिए पांच करोड़ रुपये इकट्ठे करने तथा उसमें से 3.50 करोड रुपए गबन करने की झूठी शिकायत पेश कर दी।
आरोप है कि पूनिया ने मृत्यु वाले दिन भी विष्णु दत्त को फोन करके गबन के मामले में निलंबित करवाने और जेल भेजने की धमकी दी. अनुसंधान पुस्तिका में उपलब्ध सुषमा पूनिया और गोवर्धनसिंह की विष्णुदत्त की मृत्यु के तुरंत बाद किए गए चैट का भी हवाला दिया जिसमें विष्णुदत्त पर स्थानीय एमएलए का दबाव साबित होता है। इन सभी बातों को अनुसंधान अधिकारी ने दरकिनार कर दिया तथा कोर्ट में एफआर पेश कर दी.
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