MEDICAL DEVICE PARK: पहले चरण के बाद अटका प्लॉट आवंटन, मंडरा रहे देरी के बादल

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।

एक ओर सरकार प्रदेश में निवेश व रोजगार के नाम पर इन्वेस्ट समिट सहित बड़ी योजनाएं क्रियान्वित कर रही है। वहीं, दूसरी ओर से करोड़ों रुपयों के बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स के काम अटकने से रोजगार व निवेश को धक्का लगा है।ऐसा ही एक उदाहरण, जोधपुर के बोरानाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बनने वाले प्रदेश का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क है। मेडिकल डिवाइस पार्क के पहले चरण में अव्यविस्थत तरीके से प्लाॅट आवंटन के बाद दूसरे चरण में प्लॉट आवंटन का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। आज करीब एक साल बाद भी दूसरे चरण में प्लाॅट आवंटन का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे मेडिकल डिवाइस पार्क के देरी से मूर्तरूप लेने की आशंका गहरा गई है।

-----

100 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा

रीको बोरानाड़ा विस्तार क्षेत्र में करीब 223 एकड़ जमीन पर करीब 100 करोड़ रुपयों की लागत से मेडिकल डिवाइस पार्क व सीएफसी विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 15 एकड़ भूमि पर सीएफसी विकसित किया जाएगा।

-----

गत फरवरी में हुई थी ऑनलाइन नीलामी

रीको की ओर से पहले चरण में प्लॉट आवंटन के लिए ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया गत वर्ष फरवरी में पूरी कर ली गई थी। जिसमें 30 प्लॉट्स के लिए नीलामी प्रक्रिया की गई थी। जिसमें सबसे बड़ी साइज 20 हजार वर्ग मीटर से लेकर सबसे छोटी साइज 1500 वर्ग मीटर के प्लॉट्स का आवंटन किया गया था।

----------

एक नजर में मेडिकल डिवाइस पार्क

- 12 अक्टूबर 2021 को वित्तीय स्वीकृति जारी ।

- 18 दिसम्बर 2021 को आधारशिला रख शिलान्यास किया गया।

- 134.73 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी हुई।

- 92.93 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए ।

---------

मेक इन इंडिया को मिलेगा बूस्ट

यहां मेडिकल इंडस्ट्री से संबंधित डिवाइस नीडल्स, सीरिंज, आइवी सेट, केथेटर्स, ग्लव्स, थर्मोमीटर, स्टेथेस्कोप, डायग्नोस्टिक इक्वीपमेंट, इसीजी उपकरण, सीटी स्केन, एक्सरे, रोबोट्स, पेसमेकर्स व सर्जीकल इंस्ट्रूमेंट्स से संबंधित निर्माण इकाइयां लग सकेगी। इससे हेल्थ केयर सेंटर में मेक इन इंडिया को बूस्ट मिलेगा व विदेशों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, यहां के मौजूदा उद्योगों को भी सपोर्ट मिलेगा व हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

----

अब नीलामी नहीं सीधे आवंटन होंगे

प्रथम चरण में उद्योग की पात्रता देखे बिना प्लॉट आवंटन किए गए थे। अब कन्संटेन्सी फर्म की सहायता से एसपीवी तैयार कर मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रकृति के अनुसार वास्तविक निवेशकों का मूल्यांकन किया जाएगा। फिर नीलामी से नहीं सीधे प्लॉट्स का आवंटन किया जाएगा।

सुनील परिहार, डायरेक्टर

रीको

----------

पॉलिसी होनी चाहिए

मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए पॉलिसी होनी चाहिए। साथ ही, सरनकार को मेडटेक जोन लिमिटेड के नाम से सेक्शन-8 के तहत कम्पनी बनाकर युद्ध स्तर पर काम कराना चाहिए, तब यह प्रोजेक्ट सही रूप से मूर्तरूप लेगा।

एनके जैन, अध्यक्ष

जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

-----------------



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/BXUyYzS
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment