जोधपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मुआवजे को लेकर एक नीति होनी चाहिए। यह दबाव में नहीं होना चाहिए। लोग लाश लेकर बैठ जाते हैं। राजनीति होती है। लाश की बेइज्जती न हो, इस कारण प्रशासन ऊपर-नीचे होता हैं। भुंगरा हादसे में भी कुछ लोग राजनीति करने लगे, लेकिन सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई। गहलोत ने हाइकोर्ट की उस टिप्पणी काे सही ठहराया, जिसमें हाइकोर्ट ने सरकार ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए पूछा कि सरकार की मुआवना नीति क्या है। शुक्रवार शाम जोधपुर आए गहलोत ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की।
मन तो करता है माफिया की परेड कराएं
मुख्यमंत्री गहलोत ने भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा, मन तो करता है कि पेपर लीक, शराब, बजरी जैसे सभी तरह के माफिया से जुड़े लोगों के बाल काटकर सरेआम परेड कराएं, जिससे आरोपियों में भय पैदा हो। लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता हैं। अब तो हथकड़ी भी नहीं लगा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।
विपक्ष की दुर्गति, सिर्फ झूठ फैला रहा
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। जनआक्रोश रैलियां फेल हो रही है। इस कारण सरकार पर तरह-तरह के झूठे आरोप मंढ रहे हैं। जबकि, अन्य राज्यों की तुलना में हमारे यहां एसीबी की कार्रवाई ज्यादा हो रही है। कलक्टर-एसपी स्तर के अधिकारियों को पकड़ रहे हैं। पेपर लीक करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है। पेपर लीक तो पिछली सरकार में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की। हम सख्ती कर रहे हैं, इसलिए मामले सामने आ रहे हैं। इससे पूर्व, शाम करीब साढे छह बजे एयरपोर्ट पहुंचे मुख्यमंत्री का प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल, पशुधन विकास बोर्ड अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह सोलंकी, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता समेत कई अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने अगुवानी की।
सड़क हादसे दुर्भाग्यपूर्ण
मथानिया के निकट हुए बस-ट्रक हादसे पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों में मौतें होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा अच्छी सड़कों और लापरवाही से भी हादसे हो रहे हैं। दु:ख तब होता है जब बिना हेलमेट लगाने से किसी की जान चली जाती है। सरकार हादसों में कमी लाने के प्रयास कर रही है, लेकिन आमजन को भी जागरुक होना पड़ेगा।
दुर्भावनापूर्ण नहीं था एसीबी का आदेश
भ्रष्टाचार में पकड़े जाने वाले आरोपियों के नाम और फोटो प्रकाशित नहीं करने के एसीबी के आदेश का मुख्यमंत्री ने बचाव किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी की दुर्भावनापूर्ण नहीं थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा। पिछली सरकार के आदेश और इस आदेश में बहुत फर्क है। यह जनरल सर्कूलर था। इसे भी वापस ले लेंगे।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/6AWOmbw
0 comments:
Post a Comment