जोधपुर. दो अक्टूबर से अस्त शुक्र का तारा 20 नवंबर को उदित होने पर वैवाहिक समारोहों की धूम मचेगी। शुक्र का तारा अस्त होने के चलते अभी शादियों के शुभ मुहूर्त नहीं है। हालांकि अबूझ सावे के रूप में मान्य देव उठनी एकादशी को सावों की धूम रही। लेकिन इस वर्ष नवंबर-दिसंबर में कुल 12 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त बचे है। अगले माह 16 दिसंबर से मळमास शुरू हो जाएगा। इस दौरान शुभकार्य थम जाएंगे। नए साल 2023 में शादियों की शुरुआत 14 जनवरी मकर संक्रांति के बाद ही होगी।
नंवबर 2022 में विवाह के मुहूर्त
21 नवंबर
24 नवंबर
25 नवंबर
27 नवंबर
दिसंबर में विवाह के मुहूर्त
2 दिसंबर
7 दिसंबर
8 दिसंबर
9 दिसंबर
14 दिसंबर
इस बार 26 जनवरी को भी श्रेष्ठ सावा
मळमास खत्म होने के बाद जनवरी 2023 में 15 जनवरी को प्रथम विवाह का श्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके बाद 18, 25 जनवरी, 26 जनवरी, 27 जनवरी, 30 जनवरी और 31 जनवरी को शादियों की धूम रहेगी।
शुक्र के राशि परिवर्तन से बदल जाएगा मौसम
शुक्रवार को ही शुक्र ग्रह अपनी राशि से निकलकर वृश्चिक में आने से इसका असर आगामी 23 दिनों तक देश-दुनिया, मौसम और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र में कोमल ग्रह शुक्र को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शोहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस आदि का कारक माना जाता है। इसलिए जब भी शुक्र अस्त होता है तो उसके शुभ परिणामों की कमी हो जाती है और ऐसे में कई राशियां प्रभावित होती है। शुक्र के राशि परिवर्तन से ठंड बढ़ने और देश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होगी। कीमती धातुओं में तेजी और राजनीति में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष अनीष व्यास के अनुसार शुक्र के राशि परिवर्तन से मेष, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा।
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