शपथ पत्र संतोषजनक नहीं, रजिस्ट्रार तलब
किसान ऋण माफी योजना में घपला
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने किसान ऋण माफी योजना में दोषी पाई गई 12 सहकारी समितियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को लेकर पेश सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के शपथ पत्र पर असंतोष प्रकट किया है और अगली सुनवाई पर रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश कुलदीप माथुर की खंडपीठ में याचिकाकर्ता सिमरथाराम तथा भंवरलाल की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता सुधीर टाक ने कोर्ट के पूर्व आदेश की अनुपालना में रजिस्ट्रार के शपथ पत्र को पेश किया, जिसमें बताया गया कि 12 सहकारी समितियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई जा चुकी हैं। केवल इस तथ्य का उल्लेख करने को खंडपीठ ने संतोषप्रद नहीं माना। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 लागू की थी। याची सहित कई किसानों की जानकारी में आया कि उनके नाम से ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों ऋण उठा लिए हैं और ऋण माफी योजना में उनके नाम का ऋण माफ हो गया है, जबकि याचिकाकर्ताओं ने कोई ऋण नहीं लिया था। इस पर कोर्ट ने संयुक्त मुख्य लेखा परीक्षक को ऑडिट करने के निर्देश दिए थे।
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