Karwa Chauth 2022 : करवा चौथ व्रत आज , जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जोधपुर में कब होंगे चंद्र दर्शन

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जोधपुर. पति की दीर्घायु व मंगलकामना से जुड़ा पर्व करवा चौथ गुरुवार को परम्परागत ढंग से हर्षोल्लास के माहौल में मनाया जाएगा । सौभाग्यवती महिलाएं गौरी - गणेश पूजन के बाद चौथ माता की पौराणिक कथाओं का श्रवण करेंगी । दिन भर निर्जल - निराहार रहकर चन्द्रोदय के बाद मिट्टी से बने सुराहीनुमा करवा पात्र से चन्द्रमा को अर्घ्य देकर पूजन करेंगी । पति के हाथों सात बार जल आचमण एवं मिष्ठान से चतुर्थी व्रत का पारणा करेंगी । चन्द्रोदय से पूर्व घर अथवा मोहल्लों की बुजुर्ग महिलाओं से चतुर्थी के व्रत महात्म्य से जुड़ी कथाओं का श्रवण करेंगी । नवविवाहिताओं में प्रथम करवा चौथ की पूर्व संध्या पर खासा उत्साह रहा। पर्व की पूर्व संध्या पर सुहागिनें मेहंदी लगाने एवं व्रत पूजन की तैयारियों में जुटी रही ।

सर्गी से होगी व्रत की शुरुआत

चौथ माता से अपने सुहाग की लंबी उम्र व खुशहाली का वरदान मांगने के लिए महिलाएं अलसुबह व्रत का संकल्प करेंगी । अलसुबह व्रत का संकल्प लेने से पूर्व सुबह पसंदीदा मिठाइयां तथा नमकीन खाकर खूब पानी पिएंगी ताकि दिन भर प्यासी रह सकें ।

कब होगा चन्द्र उदय

पंडित ओमदत्त शंकर ने बताया कि शाम को चन्द्रमा उदय का समय जोधपुर में करीब 8 बजकर 37 मिनट का है । चन्द्रमा दर्शन कर महिलाएं व्रत का पारणा कर सकती है।

रोहिणी नक्षत्र में आज होगा करवा चौथ का पूजन

हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत करती हैं इस दिन को करवा चौथ कहते हैं। रात में चांद का दीदार करने और छलनी से पति का चेहरा देखने के बाद महिलाएं यह व्रत पूरा करती हैं। करवा चौथ के व्रत की पूजा रोहिणी नक्षत्र में की जाएगी। करवाचौथ पर सिद्धी योग बन रहा है। इसी के साथ दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रहा है। इस दिन शुक्र और बुध दोनों एक राशि यानी कन्या राशि में रहेंगे इसलिए इस दिन लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। इसके अलावा बुध और सूर्य भी एक साथ हैं जिस वजह से बुध आदित्य योग भी इस दिन बन रहा है। वहीं, शनि अपनी राशि मकर में होंगे और गुरु मीन राशि में होंगे, गुरु मीन राशि में और बुध अपनी राशि कन्या में रहेंगे। तीनों ग्रह अपनी स्वराशि में रहेंगे और इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। यह सभी मिलकर बहुत ही शुभ संयोग बना रहे हैं।

सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए रखती है व्रत

सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखे जाने वाले इस व्रत को महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं। करवा चौथ व्रत में चंद्रमा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत में चंद्रमा की पूजा करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और पति की आयु लंबी होती है। इसलिए विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस दिन चंद्रमा के साथ-साथ शिव-पार्वती सहित गणेशजी व मंगल ग्रह के स्वामी देव सेनापति कार्तिकेय की भी विशेष पूजा होती है।

करवा चौथ पर बन रहा विशिष्ट संयोग

ज्योतिष अनीष व्यास ने बताया कि करवाचौथ पर सिद्धी योग बन रहा है। इसी के साथ दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रहा है। इस दिन शुक्र और बुध दोनों एक राशि यानी कन्या राशि में रहेंगे इसलिए इस दिन लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। इसके अलावा बुध और सूर्य भी एक साथ हैं जिस वजह से बुध आदित्य योग भी इस दिन बन रहा है। वहीं, शनि अपनी राशि मकर में होंगे और गुरु मीन राशि में होंगे, गुरु मीन राशि में और बुध अपनी राशि कन्या में रहेंगे। तीनों ग्रह अपनी स्वराशि में रहेंगे और इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। यह सभी मिलकर बहुत ही शुभ संयोग बना रहे हैं। रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा की पूजा करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। करवाचौथ के दिन शाम में रोहिणी नक्षत्र 6:41 मिनट पर लग रहा है तो ऐसे में इस समय के बाद पूजा करना लाभकारी रहेगा। दरअसल, रोहिणी चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी हैं। चौथ तिथि का आरंभ 12 अक्टूबर को रात में 1:59 बजे से चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा और 13 तारीख में मध्य रात्रि 3:09 मिनट पर समाप्त होगी।

करवा चौथ शुभ मुहूर्त

करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर

चतुर्थी तिथि आरंभ- 12 अक्टूबर को मध्य रात्रि 01:59 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्त- 13 अक्टूबर को मध्य रात्रि 03:09 मिनट पर

करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त

शाम 6:01 मिनट से लेकर शाम 7:15 मिनट तकअमृतकाल मुहूर्त- शाम 4:08 मिनट से शाम 5:50 मिनट तक

लनी की ओट से चंद्रदर्शन

करवा चौथ को लेकर मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणें सीधे नहीं देखी जाती हैं, उसके मध्य किसी पात्र या छलनी द्वारा देखने की परंपरा है क्योंकि चंद्रमा की किरणें अपनी कलाओं में विशेष प्रभावी रहती हैं। जो लोक परंपरा में चंद्रमा के साथ पति-पत्नी के संबंध को उजास से भर देती हैं। चूंकि चंद्र के तुल्य ही पति को भी माना गया है, इसलिए चंद्रमा को देखने के बाद तुरंत उसी छलनी से पति को देखा जाता है। इसका एक और कारण बताया जाता है कि चंद्रमा को भी नजर न लगे और पति-पत्नी के संबंध में भी मधुरता बनी रहे।

करवा चौथ की पूजन सामग्री

पूजन सामग्री इस प्रकार है- मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, पानी का लोटा, गंगाजल, दीपक, रूई, अगरबत्ती, चंदन, कुमकुम, रोली, अक्षत, फूल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, चीनी, हल्दी, चावल, मिठाई, चीनी का बूरा, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ आदि ।

करवा चौथे की पूजा विधि

करवा चौथ पर दिनभर व्रत रखा जाता है और रात में चंद्रमा की पूजा की जाती है। इसके लिए पूजा-स्थल को खड़िया मिट्टी से सजाया जाता है और पार्वती की प्रतिमा की भी स्थापना की जाती है। पारंपरिक तौर पर पूजा की जाती है और करवा चौथ की कथा सुनाई जाती है। करवा चौथ का व्रत चांद देखकर खोला जाता है, उस मौके पर पति भी साथ होता है। दीए जलाकर पूजा की शुरुआत की जाती है। करवा चौथ की पूजा में जल से भरा मिट्टी का टोंटीदार कुल्हड़ यानी करवा, ऊपर दीपक पर रखी विशेष वस्तुएं, श्रंगार की सभी नई वस्तुएं जरूरी होती है। पूजा की थाली में रोली, चावल, धूप, दीप, फूल के साथ दूब अवश्य रहती है। शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय की मिट्टी की मूर्तियों को भी पाट पर दूब में बिठाते हैं। बालू या सफेद मिट्टी की वेदी बनाकर भी सभी देवताओं को विराजित करने का विधान है। अब तो घरों में चांदी के शिव-पार्वती पूजा के लिए रख लिए जाते हैं। थाली को सजाकर चांद को अर्घ्य दिया जाता है। फिर पति के हाथों से पानी पीकर दिन भर का व्रत खोला जाता है। उसके बाद परिवार सहित भोजन होता है।

राशि के अनुसार इन रंगों के वस्त्र पहन कर करे पूजन

1. मेष राशि : गोल्डन रंग की साड़ी, लहंगा या सूट

2. वृषभ राशि : सिल्वर रंग

3. मिथुन राशि : हरा रंग

4. कर्क राशि : लाल रंग

5. सिंह राशि : लाल, ऑरेंज या गोल्डन रंग

6. कन्या राशि :लाल, हरी या गोल्डन रंग की साड़ी

7. तुला राशि : लाल, गोल्डन या सिल्वर रंग के वस्त्र

8. वृश्चिक राशि :लाल रंग सबसे उत्तम अथवा महरून या गोल्डन रंग

9. धनु राशि : आसमानी या पीले रंग के वस्त्र

10. मकर राशि : नीला रंग शुभ

11. कुंभ राशि: नीले रंग या सिल्वर कलर के वस्त्र

12. मीन राशि : पीले या गोल्डन कलर के कपड़े शुभ



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