जोधपुर।
शहर के एक निजी विद्यालय में 12वीं की नाबालिग छात्रा से (Molestation with a student by class mate) सहपाठी छात्र ने न सिर्फ छेड़छाड़ की, बल्कि विरोध जताने पर तेजाब डालने व बलात्कार करने की धमकियां दी। इतना ही नहीं, छात्रा के घर पत्थर भी फेंके गए। उधर, छात्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। (Student viral a video on socia media and said that he is innocent)
थानाधिकारी ने बताया कि 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने स्कूल में साथ पढ़ने वाले एक छात्र के खिलाफ छेड़छाड़, धमकियां देने का आरोप लगाकर एफआइआर दर्ज कराई है। छात्रा के कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए हैं। जिसमें छात्रा ने छात्र पर लगाए आरोप दोहराए हैं। फिलहाल छात्र को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
यह है आरोप
छात्रा का आरोप है कि आरोपी साथ उसी कक्षा में पढ़ता था। उसने यूपीएससी की तैयारी करने की जानकारी देकर उससे बातचीत शुरू की थी। सहपाठी होने से वह भी बात करने लगी, लेकिन एक दिन छात्र ने उसके साथ गलत हरकत की। जिस पर उसने फटकार दिया था और उससे बात करना बंद दिया था। उसका मोबाइल भी ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद छात्र उसका पीछा करने लग गया। उसके घर व बैग में लैटर डालने लग गया। साथ ही घर पर पत्थर भी फेंके। लैटर में उसने दोस्ती करने का दबाव डाला। ऐसा न करने पर तेजाब डालने व बलात्कार करने तक की धमकियां दी गईं।
गिरफ्तार कर पाबंद कराया, लेकिन हरकतें जारी रहीं
छात्रा के परिजन ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। साथ ही पुलिस को भी अवगत कराया। पुलिस ने छात्र को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद कराया। इसके बावजूद छात्रा को धमकियां दी जा रही हैं। यहां तक कि उसके घर भी पत्थर फेंके गए हैं।
छात्र को स्कूल से निकाला
छात्रा के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्र को स्कूल से निकाल दिया। इसके बावजूद हरकतें जारी रहने पर पीडि़ता अपने परिजन संग थाने पहुंची और एफआइआर दर्ज कराई।
वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताया
उधर, छात्र ने सोशल मीडिया पर 13 मिनट का एक वीडियो अपलोड कर खुद को निर्दोष बताया है। उसने स्कूल प्रबंधन पर झूठा फंसाने का आरोप लगाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसमें छात्रा का नाम भी लिया गया है। उसका आरोप है कि स्कूल के पीटीआइ ने उस पर दबाव डाला कि वो स्वीकार करे कि यह लैटर उसने लिखे। जबकि उसने ऐसे कोई लैटर नहीं लिखे। न ही उसका पक्ष जाना गया और जांच की गई। स्कूल से निकालने के बाद वह एक महीने इंदौर में रहा। इस दौरान भी छात्रा के बैग में लैटर डाले गए। वह शहर में मौजूद ही नहीं था। मैंने तेजाब डालने की कोई धमकी नहीं दी। थानाधिकारी व हेड कांस्टेबल ने मुझे गिरफ्तार किया। मेरा भविष्य खराब करने में सभी शामिल हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
छोटी पुत्री का स्कूल जाना दुभर
जानकारी के अनुसार छात्र के वीडियो वायरल करके छात्रा और परिजन के नाम लिए। जिससे सभी स्तब्ध हैं। छात्रा की छोटी बहन भी स्कूल नहीं आ पा रही है।
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