Crime : लापरवाही : रात के अंधेरे में शहर में दौड़ते हैं भारी वाहन

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जोधपुर।
रात 9 बजे बाद सिर्फ उन्हीं ट्रक-ट्रेलर (Truck trailor) या अन्य भारी वाहनों को शहर में आवाजाही की छूट है जिन्हें शहर के किसी क्षेत्र में माल की भराई या ढुलाई करनी होती है, लेकिन बीते कुछ दिनों से शहर के बीचों-बीच से रात को एकाएक भारी वाहन दौड़ते नजर आने लगे हैं। जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। (Heavy vehicles in inside city)
हार्ट लाइन पर कतार में निकलते हैं ट्रक-ट्रेलर
शनिवार रात 11.37 बजे पावटा सर्कल पर माल से भरे दो ट्रेलर खड़े नजर आए। एक चालक राहगीरों से बालोतरा जाने का रास्ता पूछ रहा था। दोनों ट्रेलर संभवत: भीलवाड़ा से आए थे और बाड़मेर जिले में बालोतरा जा रहे थे। यह दोनों ट्रेलर शहर में आने की बजाय बाइपास होकर बाड़मेर रोड निकल सकत थे, लेकिन बाहरी नाकों पर पुलिस जांच के अभाव में दोनों ट्रेलर शहर में आ गए और हार्ट लाइन यानि पावटा से जिला कलक्टर कार्यालय और पुराने हाईकोर्ट भवन के गेट के सामने से नई सड़क, सोजती गेट, जालोरी गेट, शनिश्चरजी का स्थान, 12वीं रोड होकर बाड़मेर रोड की तरफ निकले। ऐसे ही हालात सूरसागर व चोपड़ से आने वाले पत्थरों से भरे वाहनों के हैं।
गश्त के दौरान पर्याप्त जांच नहीं
बाहरी नाकों से जाब्ता हटाए जाने के बाद से शहर में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। सायंकालीन और रात्रि गश्त में भी पुलिस शहर में बिना वजह आने वाले भारी वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
बिना जाब्ते के सुनसान हैं नाके
पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में नागौर रोड पर मण्डोर, जयपुर हाइवे पर सारण नगर के पास, रातानाडा क्षेत्र में शिकारगढ़, पाली रोड पर झालामण्ड चौराहा, बाड़मेर रोड पर डीपीएस सर्कल, सूरसागर में चोपड़, चौपासनी बाइपास पर डाली बाई मंदिर सर्कल, डांगियावास बाइपास पर गोरा होटल और खेजड़ली में पुलिस नाके हैं। पुलिस जाब्ता हटाए जाने के बाद से नाके सुनसान से नजर आ रहे हैं। दिखावे के तौर पर सिर्फ पुरानी पीसीआर वैन खड़ी रखी गई है।
कार से सिपाही की मौत के बाद नाकों से जाब्ता हटाया
गत पांच अगस्त की देर रात झालामण्ड चौराहा स्थित नाका पर तैनात कुड़ी भगतासनी थाने के कांस्टेबल रमेश बिश्नोई को राजकीय अधिवक्ता ने तेज रफ्तार व लापरवाही से कार चलाते हुए कुचल दिया था। एम्स में इलाज के दौरान कांस्टेबल रमेश की मौत हो गई थी। इसके बाद से पर्याप्त जाब्ता न होने के नाम पर नाकों से पुलिसकर्मी हटा दिए गए थे। सिर्फ आकस्मिक जांच होने पर ही नाकों पर जाब्ता लगाया जा रहा है।



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