लम्पी की लहर में बह गया हमारा घी-दूध, सरस दूध का उत्पादन आधा, घी का निर्माण बंद

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गजेंद्र सिंह दहिया

जोधपुर. मानसून के साथ आई लम्पी की लहर हमारा घी-दूध बहा कर ले गई। संभाग की सबसे बड़ी सरस डेयरी में प्रतिदिन दूध की खरीद आधी रह गई है। जून महीने में प्रतिदिन 90 हजार लीटर दूध की खरीद हो रही थी जो अब 45 हजार लीटर पर आ गई है। दूध की कमी से घी और दूध पाउडर का उत्पादन ठप हो गया है। सरस प्लांट में 20 दिन से घी नहीं बन रहा है। छाछ, लस्सी, दही, पनीर और श्रीखण्ड का उत्पादन भी गिर गया है।

प्रदेश में लम्पी वायरस इस साल अप्रेल में आया था लेकिन मानसून के ऑनसेट होने के साथ ही इसकी जुलाई में कोरोना की तरह लहर आ गई और देखते ही देखते ही सैंकड़ों गायें काल कलवित हो गई। जोधपुर में बिलाड़ा, भोपालगढ़, लूणी और ओसियां मिल्क बेल्ट है। यहां गायें मारी गई। इससे दूध का उत्पादन काफी कम हो गया। सूत्रों के मुताबिक 40 प्रतिशत गायें चपेट में आ गई। वायरस से ठीक होने वाली की संख्या केवल 20 फीसदी है। भैंस, साण्ड, बछड़ा लम्पी से लगभग सुरक्षित रहे।

पहले 16 लीटर, अब 4 लीटर दूध दे रही गाय

लम्पी से पहले जो गाय 16 लीटर दूध देती थी। वह बीमारी की चपेट में आकर ठीक होने के बाद अब केवल 4 लीटर दूध दे रही है।

जोधपुर स्थित सरस डेयरी प्लांट में उत्पादन

- 90000 लीटर दूध की खरीद प्रतिदिन हुई थी जून में

- 60000 लीटर दूध की खरीद हुई जुलाई में

- 45000 लीटर दूध की खरीद हुई अगस्त में

- 1.05 लाख लीटर दूध की खरीद होती है जनवरी-फरवरी में

घी के टिन खाली पड़े

- 600 लीटर दूध से प्रतिदिन बनता था घी

- 20 दिन से बंद पड़ा है घी का उत्पादन

- जयपुर, भीलवाड़ा सहित अन्य हिस्सों से भी नहीं आ रहा

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त्योहारों पर पाम ऑयल से बने घी की आशंका

सरस में घी का उत्पादन ठप है। दुकानों में केवल पुराना स्टॉक पड़ा है। उधर त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्रि और फिर दिवाली है और इन्हीं दिनों घी की सर्वाधिक खपत होती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस साल नकली घी भी बहुतायात में बाजार में आएगा। मिलावट करने वाले पाम ऑयल से नकली घी बनाते हैं।

घी के एक तिहाई नमूने होते हैं फेल

- वर्ष 2022 में अब तक घी के 44 नमूने चिकित्सा विभाग ने लिए, जिसमें से 13 सब स्टैंडर्ड और 2 असुरक्षित निकला।

- वर्ष 2021 में घी के 49 नमूने लिए गए। इसमें 24 सब स्टैंडर्ड व 2 मिसब्राण्ड निकला।

वर्तमान में लम्पी का नया केस नहीं आ रहा। धीरे-धीरे गायों की दूध उत्पादकता बढ़ जाएगी।

- डॉ रवींद्र चावला, पशु चिकित्सक

डेयरी में दूध की खरीद आधी रह गई है। घी का उत्पादन भी रोकना पड़ा है।

- सुधीर शर्मा, एमडी, सरस डेयरी जोधपुर

त्योहारों पर हम शुद्ध का युद्ध अभियान चलाएंगे। हमारी नजर मिठाइयों व घी पर अधिक रहेगी।

- रजनीश शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी



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