जोधपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) सड़कों को दुरुस्त करने की दुहाई देते हैं। सड़क दुर्घटना का बड़ा कारण भी टूटी सड़कों को मानते हैं। सड़कों पर रफ्तार, टूटी सड़कें और तकनीकी खामी, यह सब मिलकर सड़क हादसों (Road accident) का कारण बनते हैं। कोरोना काल के बाद सड़क हादसों की संख्या में अप्रत्याशित वृदि्ध हुई है। जोधपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में हर माह 21 लोग (21 people were died in a month) अपनी जान गंवा (21 People died in a month in road accident) रहे हैं। कानून के नजरिए से हत्या सबसे संगीन अपराध माना जाता है। जिसे रोकने के लिए कानून में सजा के कड़े प्रावधान हैं। लेकिन इसकी तुलना में सड़क हादसों में सर्वाधिक खून बह रहा है और आमजन की जिंदगी जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में आठ माह में 170 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
कारण : तेज रफ्तार, नशा व मोबाइल पर बात
पुलिस का मानना है कि अमूमन सड़क हादसों के पीछे तेज रफ्तार व चालक की लापरवाही प्रमुख कारण होता है। इसके अलावा तेज रफ्तार व चालक के नशे में होने व मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना भी हादसों के कारण माने जाते हैं। खराब सड़कें भी हादसे का कारण बनती है। तीन साल में 612 लोगों की मौत पुलिस के आंकड़ों की मानें तो कोविड-19 के चलते वर्ष 2020 में सड़क हादसों में काफी कमी आई थी। इसके बाद फिर से हादसे बढ़ने लग गए। बीते तीन साल में 612 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
ड्रिंक एण्ड ड्राइव के खिलाफ अभियान
गत दिनों झालामण्ड चौराहे के पास नाका पर तैनात कांस्टेबल रमेश बिश्नोई को राजकीय अधिवक्ता महिपाल बिश्नोई ने कार से चपेट में ले लिया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने ड्रिंक एण्ड ड्राइव करने वालों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया था। नशे में वाहन चलाते पाए जाने वालों के लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की गई थी।
बोरानाडा क्षेत्र में अधिक हादसे
पुलिस का मानना है कि शहर के बाहरी क्षेत्र वाले बोरानाडा में सड़क हादसे अधिक हो रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिए पुलिस ने एनएचएआइ के अधिकारियों के साथ वार्ता की थी। दुर्घटना वाले ब्लैक स्पॉट पर वाहनों की गति कम करने के लिए रम्बल स्ट्रीप और कनेक्टिंग रोड पर स्पीड ब्रेकर लगाए जा रहे हैंं।
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सड़क दुघर्टनाओं संबंधी आंकड़ों पर नजर
वर्ष----------कुल दर्ज-----------मृतक-----------गंभीर घायल---------साधारण घायल
2020-------481---------------206------------37------------------305
2021-------572---------------236------------51------------------370
2022-------455---------------170------------16------------------324
(नोट : वर्ष 2022 के आंकड़े 31 अगस्त तक की अवधि के हैं)
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सड़क हादसों की रोकथाम के लिए बनाए चालान व जुर्माना राशि
मद---------------------2020------------------2021-----------------2022
प्रशमन---------------1,06,330-------------1,66,126--------------1,22,693
प्रशमन राशि---------2,10,33,350----------5,02,86,150----------3,73,11,200
(नोट : वर्ष 2022 के आंकड़े 31 अगस्त तक की अवधि के हैं।)
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दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, मृत्यु कम हुई है
पुलिस कमिश्नरेट के पूर्वी जिले में बीते साल की तुलना में इस साल सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है, लेकिन मृत्यु कम हुई है। हादसा होने के बाद कारणों का पता लगाकर कम करने के प्रयास किए जाते हैं।'
डाॅ अमृता दुहन, \Bपुलिस उपायुक्त (पूर्व)।
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कमी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं
'जुलाई तक हादसे अधिक हुए थे। उसके बाद कमी आई है। पदभार संभालने के बाद से ही इस पर प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। 2 सितम्बर को एनएचएआइ के इंजीनियर्स के साथ मीटिंग में कारण व हादसे रोकने के उपायों पर चर्चा की गई थी। हाइवे पर रंबल स्ट्रीप लगवाई जा रही हैं और स्पीड ब्रेकर भी लगाने का कार्य शुरू किया गया है। एनएचएआइ की ओर से हाइवे से झाडि़यां भी हटाईं जाएंगी।'
गौरव यादव, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) जोधपुर।
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