जोधपुर. अगर गड्ढों के बीच-बीच में थोड़ी सी सड़क नजर आ जाए तो समझ लीजिए कि आप जोधपुर में है। ऐसा एक-दो स्थानों पर नहीं, बल्कि पूरे शहर के हालात हैं। आए दिन यह सड़कें दर्द दे रही हैं। हादसों का कारण भी है। यातायात को रेंगने पर मजबूर कर दिया है। मानसून सीजन के तुरंत बाद यदि पर्यटक यहां आ जाए तो हमारा टूरिस्ट सिटी का खिताब तक छिन सकता है।
एम्स-सांगरिया सड़क शहर की प्रमुख सड़कों में से एक एम्स-सांगरिया सड़क पिछले पांच साल से भी अधिक समय से वेंटिलेटर पर है। पांच किमी से ज्यादा का हिस्सा क्षतिग्रस्त है। आए दिन वाहनों के पलटने की घटनाएं होती है। इस सड़क की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भी बन चुका है। लेकिन अब इसके हालात सुधरने का इंतजार है।
बारिश में निकलना दूभर
इस सड़क से बारिश के सीजन में निकलना दूभर है। यदि किसी को सांगरिया की ओर जाना भी होता है तो वह हाइवे होकर लम्बा रास्ता चुन लेता है, लेकिन यहां से नहीं गुजरता।
आउटर सड़कों में यहां भी बदहाली
- डीपीएस सर्किल पर सड़क बदहाल है।- पाल गांव की ओर जाने वाली सड़क हिचकोले खाती है।
- बनाड़ रोड तो तालाब का रूप ही ले लेती है।- झंवर रोड भी बदहाल स्थित में है।
- बड़ली सड़क पर वाहन लेकर निकलना दुश्वार है।
इनका कहना....
यह नेशनल हाईव के समीप चौराहा है। पांच साल से अंतिम सांसें ले रहा है। लेकिन इस स्थान का स्थाई समाधान नहीं हुआ।
- श्रवण प्रजापत, स्थानीय निवासी
कई बार वाहन पलटते हैं, रिक्शा पलटते हैं। कई सालों से समस्या है। हम यहां आए दिन हादसे देखते हैं।
- थानाराम, स्थानीय निवासी
सांगरिया फांटा सबसे व्यस्त रोड है। एक माह से खस्ता हाल है। कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- लेखराज, स्थानीय निवासी

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