बाल विवाह (Child marriage) नहीं माना : ससुराल जाने का दबाव, परिवार समाज से बहिष्कृत

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जोधपुर।
बोरानाडा थानान्तर्गत (Police station Boranada) लूणावास कला (Lunawas kalla) के शिव गांव (Shiv village) में एक युवती अपने बाल विवाह के विरोध (Protest of child marriage) में उतर आई और पति के साथ ससुराल जाने से इनकार कर दिया। गुस्साए समाज के लोगों ने बैठक बुलाकर युवती के परिवार को समाज से बहिष्कृत (Family excluded from society) कर 21 लाख रुपए का दण्ड लगा दिया। (21 lakh fined[ if not pay family's hukka-pani will close) (family ostracized from society)
पुलिस के अनुसार शिव गांव निवासी पिंकी (22) पुत्री भाखरराम जाट ने कालीजाल गांव निवासी फरसाराम, अणदाराम, पुरखाराम, भंवराराम खोत, थानाराम खोत और तेजाराम खोत के खिलाफ डरा-धमकाकर बचपन में हुई शादी के तहत ससुराल जाने का दबाव डालने और परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि वर्ष 2001 में जब युवती मात्र एक साल की थी तब उसकी शादी कालीजाल निवासी अशोक पुत्र फरसाराम खोत से कर दी गई थी। अब बालिग होने पर युवती बाल विवाह का विरोध करने लग गई। वह अशोक के साथ जाना नहीं चाहती है। जबकि उसके ऊपर अशोक संग जाने का दबाव डाला जा रहा है। इसका विरोध करने पर शुक्रवार को गांव में बैठक बुलाई गई। जिसमें समाज के लोग व अन्य ने युवती के परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया। साथ ही 21 लाख रुपए का दण्ड भी लगा दिया। यह दण्ड न भरने पर परिवार का हुक्का पानी बंद करने की चेतावनी दी गई। बैठक के बाद युवती परिजन के साथ थाने पहुंची और समाज के लोग व अशोक के घरवालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।



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