जोधपुर।
एक साल अकाल के बाद इस बार मारवाड़ में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। एक तरफ लम्पी डिजीज (lumpy disease) के चलते गायों को खुले में छोड़ दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ बारिश से खेतों में मच्छरों की भरमार से गाएं खेत व बाड़े छोड़कर सड़कों पर विचरण करने लगी हैं। एक तरह से हाइवे व अन्य सड़कों पर जगह-जगह गायों का राज नजर आने लगा (Alert : animals on roads) है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए हर समय खतरे का अंदेशा बना हुआ है। खासकर रात के अंधेरे में वाहन चलाना और भी खतरनाक हो गया है। ऐसे में वाहन चालकों को अतिरिक्त सावचेती बरतने की जरूरत है।
झुण्ड बनाकर सड़कों पर मौजूद गाएं
बारिश की वजह से खेत खलिहान भीगे हुए हैं। मच्छर व मक्खियों की भरमार होने लगी है। इनसे राहत पाने के लिए गाएं सूखे स्थान यानि सड़क की तरफ आने लगी हैं। हाइवे पर झुण्ड में विचरण कर रहे हैं।
इस तरह बचें सड़क हादसों से
- रात के अंधेरे में हाइवे पर वाहन चलाने से बचें। यदि आवश्यक हो तो रफ्तार सामान्य से कम रखें।
- वाहन चलाने के दौरान चालक का ध्यान पूरी तरह सड़क पर ही हों।
- सड़कों पर रहने वाली गायों के सींगों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालक सचेत हो सके।
- पुलिस ऐसे पशु पालकों को पाबंद कराएं जिनके पशु विचरण करने के लिए खुले में घूम रहे हों। ताकि वे गायों को खुला न छोड़ें।
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'हाइवे व अन्य मार्गों पर गाएं घूमने से हादसे की आशंका रहती है। हाइवे पर जगह-जगह पशुओं के झुण्ड मौजूद हैं। यातायात पुलिस की ओर से ऐसे पशुओं के सींग पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। पशु पालकों को गाएं व पशुओं को खुला न छोड़ने के लिए पाबंद भी कराया जा रहा है।'
चैनसिंह महेचा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) जोधपुर।
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