जोधपुर।
करगिल युद्ध (Kargil War) में शहीद होने वाले कालूराम जाखड़ (Kargil Martyr) (Kargil Martyr Kaluram Jakhar) की वीरांगना (Martyr wife and mother in trouble) व वृद्ध मां के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सरकार ने जमीन व पेट्रोल पम्प आवंटित किया था, लेकिन वीरांगना के अनपढ़ होने का फायदा उठाकर परिचितों ने पहले तो फर्जी तरीके पेट्रोल पम्प की आधी जमीन अपने नाम करवा ली। अब बाकी की जमीन भी परिचितों के नाम करवाने का दबाव डाला जा रहा है।आइओसी ने पम्प पर फ्यूल की सप्लाई भी रोक आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है।
26 लाख लिमिट ली, उधार लेकर चुकाई
शहीद विरांगना संतोष का कहना है कि आरोपी ने बगैर जानकारी के पम्प पर बैंक से 26 लाख रुपए की लिमिट ले ली थी। जो जमा भी नहीं करवाई थी। तेल कम्पनी ने लिमिट न भरने पर पम्प का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी। रिश्तेदारों से उधार लेकर लिमिट चुकाई गई थी। इसके बावजूद सप्लाई रोक दी गई। पेंशन पर आजीविका चल रही है।
पुलिस ने दर्ज किए बयान
शहीद वीरांगना ने गत 21 जुलाई को उदयमंदिर थाने में श्रवणराम, मोहनराम, पत्नी ममता, पुखराज, इमियादेवी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं।
धोखे से जमीन का बेचान
पीपाड़ तहसील में खेड़ी चारणान निवासी कालूराम जाखड़ करगिल युद्ध के दौरान 4 जुलाई 1999 को शहीद हो गए थे। सरकार की ओर से पेट्रोल पम्प के लिए डांगियावास में जमीन आवंटित की गई थी। आधी जमीन विरांगन व आधी मां के नाम की गई थी। आइओसी ने पेट्रोल पम्प स्वीकृत किया था। वीरांगना के अनपढ़ होने से श्रवणराम को बतौर मैनेजर रखा गया था। तरमीम करने के बहाने वह विरांगना को रजिस्ट्री कार्यालय ले गया था, जहां उसने अंगूठा व साइन करवाकर विरांगना के हिस्से वाली जमीन मोहनराम व ममता के नाम बेचान कर दी गई थी।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/UCGVm7b
0 comments:
Post a Comment