Handicrafts: हैण्डीक्राफ्ट में अब तक की सबसे बड़ी मंदी, जाने वजह

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Handicrafts: जोधपुर. दुनियाभर में धूम मचाने वाला जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग संकट की घड़ी से गुजर रहा है। अमरीकन व यूरोपियन ग्राहकों की भारतीय हैण्डीक्राफ्ट, विशेषकर जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर की खरीदारी में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है। इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में हैण्डीक्राफ्ट निर्यात में करीब 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जो हैण्डीक्राफ्ट इतिहास में अब तक की सबसे बडी गिरावट या मंदी मानी जा रही है।

जून में करीब 1500-1600 कंटेनर्स ही निर्यात हुए, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 3200-3500 का रहता है। ऑर्डर नहीं होने की वजह से जोधपुर की करीब 100 हैण्डीक्राफ्ट इकाइयों में काम ठप हो चुका है। आने वाले दिनो में यह संख्या और बढ सकती है। बड़े व पुराने निर्यातको को पास भी आगे के ऑर्डर नही है । अमरीका, यूरोप सहित अन्य देशों के बायर्स ने यहां के निर्यातकों के ऑर्डर्स होल्ड पर रखवा दिए है। कोरोनाकाल के बाद अन्तरराष्ट्रीय शिपिंग कम्पनियों की ओर से माल भाड़े में बढ़ोतरी, रूस-यूक्रेन विवाद से भी मंदी का असर बढा है। इन कारणों ने भी जोधपुर सहित देश के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कारोबार को पूरी तरह से हिला दिया है ।

कुल निर्यात में 60 फीसदी हिस्सेदारी अमरीका की
जोधपुर से होने वाले निर्यात में सबसे ज्यादा 60 फीसदी हिस्सेदारी अमरीका की है। इसके चलते अमरीका के कई बड़े बायर्स दिवालिया होने के कगार पर है। साथ ही, अमरीका के कई बड़े ग्राहकों की वित्तीय स्थिति कमजोर हो गई है। अमरीका में मंदी के हालात होने पर जोधपुर के निर्यातकों में खलबली मच गई है। ऐसे में जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को आने वाले समय में करीब एक हजार करोड का नुकसान हो सकता है ।

हजारों कारीगरों की छुट्टी
हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के करीब 500 से अधिक कंटेनर्स का तैयार माल होल्ड पर है। इकाइयों में प्रोडक्शन कम होने व काम नहीं होने के कारण बडी संख्या में कामगारों की छंटनी हो रही है। सैंकड़ों इकाइयों में हजारों कारीगरों की छुट्टी कर दी गई है। जिससे जोधपुर में बेरोजगारी बढने की संभावना है।

कर्मचारियों की छंटनी
यह हैण्डीक्राफ्ट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी मंदी है। जोधपुर के पूरे हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग को हिलाकर रख दिया है। यूएस-यूराेप से नए ऑर्डर नहीं मिल रहे है। काम ठप सा हो गया है। कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ रही है।
- अजय शर्मा, हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक

यूएस-यूरोपीय देशों से नए ऑर्डर नहीं मिल रहे है। ओवरऑल जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग में करीब 40-50 प्रतिशत गिरावट आ गई है। ऐसी स्थिति में उद्योग के पटरी पर आने में समय लगेगा।
- राधेश्याम रंगा, हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक

कई विदेशी ग्राहकों ने जोधपुर के निर्यातकों के ऑर्डर होल्ड पर रख दिए है। क्रिसमस सीजन के ऑर्डर अभी तक नहीं मिल पा रहे है। आने वाले कुछ माह जोधपुर के निर्यात उद्योग के लिए बडे चैलेंजिंग होंगे।
- भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन



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