जोधपुर. प्रदेश में इसी माह के अंत तक इंदिरा रसोइयों की संख्या को दोगुनी करना है। सरकार ने सभी निकायों को इसके लिए लक्ष्य आवंटित कर डेड लाइन भी जारी कर दी है। आठ रुपए में जनता को मिल रहे खाने के प्रति उत्साह काफी अच्छा है। इसीलिए इसी माह के अंत तक प्रदेश में 600 से ज्यादा नई इंदिरा रसोइयां खोलनी हैं।
कोरोना की पहली लहर और लॉकडाउन की वजह से जरूरतमंद लोगों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने निकायों के माध्यम से खाने के पैकेट बंटवाए तो उसी समय इंदिरा रसोई की उपज हुई। अगस्त 2020 में सरकार ने इस योजना को लॉच किया। कोरोना काल के बाद भी यह योजना जरूरतमंद लोगों के लिए लाभदायक बनी हुई है। इसमें जनता से आठ रुपए प्रति व्यक्ति भोजन के लिए जाते हैं, जबकि सरकार 17 रुपए तक देती है। एक थाली की कीमत करीब 25 रुपए तय की हुई है, जो कि पहले 20 रुपए थी। अभी तक गुणवत्ता भी ठीक है, इसीलिए लोगों का रुझान भी बना हुआ है।
'की-स्कीम' में से एक
चिरंजीवी योजना के बाद कांग्रेस सरकार के इस कार्यक्रम में यह 'की-स्कीम' के तौर पर प्रमोट की जा रही है। इसी माह के अंत तक प्रदेश में एक हजार से ज्यादा इंदिरा रसोई की संख्या पहुंचाने का टारगेट है। सभी को 31 जुलाई तक लोकार्पण की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए भवन नए बनाने या किराए पर लेने की छूट निकायों को दी गई है। स्टेट नोडल अधिकारी नरेश गोयल ने बताया कि भवनों को पूर्ण रूप से तैयार कर सूचना भिजवाने की तारीख 31 जुलाई है।
फैक्ट फाइल
- 358 है अभी प्रदेश में कुल इंदिरा रसोइयों की संख्या।
- 642 नई रसोइयां खोलनी है प्रदेश में।
- 8 रुपए जनता से लिए जाते हैं प्रति व्यक्ति भोजन के।
- 17 रुपए सरकार देती है रसोई संचालक को प्रति व्यक्ति के हिसाब से।
- 22 माह से चल रही है योजना
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