जोधपुर. बरसात के मौसम ने जोधपुर में सड़क निर्माण कार्य कराने वाली सरकारी एजेंसियों की पोल खोल दी है। शहर के हालात ये हो गए हैं कि लोगों के वाहन सड़क धंसने से गहरे गड्ढे में गिर रहे हैं। शहर के हरेक कोने-नुक्कड़ व रास्तों पर सड़कें क्षतिग्रस्त, गड्ढों से भरी व धंसी मिल जाएगी।
बारिश के दिनों में जमा पानी में कई बार पैदल राहगीरों व वाहन चालकों तक को समझ नहीं पड़ता कि गड्ढ़ा कितना गहरा है? राजस्थान पत्रिका ने शहरवासियों से बातचीत की तो कइयों ने कहा कि आजकल तो वाहन चलाते व पैदल चलने में भी डर लगने लगा है। शहर के लोग टूटी सड़कें व सीवरेज की समस्या से परेशान हैं।
महापौर के घर से आधा किमी दूरी
मगरा-पूंजला क्षेत्रों में जहां सड़कें धंसी हैं, वे इलाके नगर निगम उत्तर महापौर कुंती परिहार के घर से पांच सौ मीटर की दूरी जितने ही दूर है। लोगों में में चर्चा का विषय हैं कि महापौर के इलाके में भी ऐसे हालात हैं।
एक जगह काम शुरू, दूसरी जगह रामभरोसे
गत बुधवार को जोधपुर में दो स्थानों पर सड़कें धंस गई थीं। मगरा पूंजला माता का थान क्षेत्र में खेड़िवाला बेरा स्थित सड़क धंसने व फिर उसमें नगरीय परिवहन की सिटी बस गड्ढ़े में गिरने वाले स्थान पर गुरुवार को जेसीबी की सहायता से सीवरेज की हौदियों को वापस ठीक करने का कार्य शुरू किया गया। उधर, ही गत बुधवार को मगरा पूंजला माता का थान क्षेत्र में रावला बेरा स्थित स्कूल की बस सड़क में धंसने वाले स्थान पर अभी तक बड़ा गड्ढ़ा है। जहां से लोग गुरुवार को बचकर वाहन गुजारते नजर आए। यहां क्षेत्रवासी राहगीरों व वाहन चालकों को आगे के खतरे के लिए सजग करते दिखे। माता का थान क्षेत्र में खेड़िवाला बेरा से रावला बेरा की मुख्य सड़क भी जगह-जगह से धंसी पड़ी है।
दो-तीन बार धंस चुकी हैं सड़क
खेडि़वाला बेरा से रावला बेरा की मुख्य सड़क कई बार धंस चुकी है। इसका मुख्य कारण सीवरेज लाइन है। अब चौथी बार सड़क धंसी है। इन हालातों में राहगीरों को जान का खतरा है।
- रामसिंह, शहरवासी
बारिश में निकलने से डर रहे
लंबे समय से सीवरेज की समस्या है। बारिश के दिनों में अक्सर समस्या रहती है। बारिश के समय निकलने में डर लगता है। बस हादसे में अच्छा हुआ कि कोई जनहानि नहीं हुई। गड्ढे में बस समा गई, इससे समझ सकते हैं कि कितना बड़ा गड्ढा था।
- बलवीर भाटी, शहरवासी
घरों में घुसता हैं गंदा पानी
बारिश के दिनों में अक्सर ये समस्या रहती है। गंदा पानी घरों में घुस जाता है। पिछले चार सालों से सड़क टूट रही है। घर के बाहर गंदा पानी बह रहा है। बाहर खड़ा होना दुश्वार हो गया है।
- भगवती, शहरवासी
बीमारियां फैलने का अंदेशा
सीवरेज की लाइन खराब होने से शंकर नगर क्षेत्र में घरों में पानी घुस रहा है। हम दो दिन से घर नहीं घुस पा रहे है। इन दिक्कतों के चलते बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
- प्रज्ञा मेहता, शहरवासी
बच्चों का ट्यूशन व क्लासेज सब बंद
शंकर नगर में एक सप्ताह से हालात खराब है। बच्चों को ट्यूशन व क्लासेज नहीं भेज पा रहे है। दूध वाले को भी बड़ी मुश्किल से इलाका में बुलाया जा रहा है। कचरा उठाने वाला वाहन गली में नहीं आ रहा है। इन हालातों में जीना दुश्वार हो चुका है।
- मोनिका पटवा, शहरवासी
जिम्मेदार अफसरों पर हो कार्रवाई
माता का थान जैसे इलाके का हश्र शहर के विभिन्न इलाकों का होगा। निर्माण एजेंसियां कार्यों में क्वांटिटी और क्वालिटी पर ध्यान नहीं दे रही है। जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है। शहर के सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में भी निर्माण कार्य ढंग से नहीं करवाए जा रहे हैं। हमने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है।
-डॉ. गजेंद्र सिंह राठौड़,पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं अध्यक्ष, मारवाड़ जागरण मंच
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