Water Crisis: जोधपुर. नहरबंदी भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ दिन का समय और लग सकता है। इस बीच पिछले कई दिनों से पेयजल किल्लत का सामना कर रहे सांगरिया-कुड़ी क्षेत्र के लोगों का संयम शनिवार को जवाब दे दिया। उन्होंने सांगरिया फांटा मार्ग को जाम कर दिया। वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। समझाइश के लिए पुलिस व अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी।
दरअसल, सांगरिया फांटा क्षेत्र की पांच से सात कॉलोनियों में पेयजल समस्या है। लोगों का कहना था कि वैसे भी प्रेशर कम आता है और नहरबंदी के दौरान पिछले एक माह से तो हालात बहुत बिगड़ गए। कई दिनों तक पाइप लाइन से पानी की सप्लाई तक नहीं हुई। इससे लोग सड़क पर उतर आए। काफी देर तक मुख्य बाइपास सड़क को जाम रखा। वाहनों की कतारें लग गई। सबसे व्यस्त मार्ग होने से हाइवे पर भी असर आने लगा। उपखंड अधिकारी दक्षिण अर्पूवा गढवाल व पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता जे.सी व्यास मौके पर पहुंचे। समझाइश पर बात नहीं बनी तो लाठियां भांज कर भीड़ को तीतर-बितर किया और रास्ता चालू करवाया।
शुक्रवार को भी जमा हुए थे लोग
शनिवार सुबह आक्रोश फैलने से पहले शुक्रवार शाम को भी लोग जमा हुए और सड़क जाम करने के प्रयास किए। तब समझाइश से मामला शांत हो गया, लेकिन फिर लोग सड़क पर उतर आए।
नहीं दे पा रहे पूरी सप्लाई
नहरबंदी के बाद पानी भले ही कायलना पहुंच गया है, लेकिन अब भी पूरे फ्लो से शहर के हर क्षेत्र में पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। हालांकि 72 घंटे में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था में बदलाव का दावा तो किया गया है, लेकिन धरातल पर अब भी संकट पूरी तरह दूर नहीं हुआ है।
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