Patrika 40 Under 40 Power List Campaign: जोधपुर. जरूरी नहीं कि सफलता पहले ही दिन से मिलने लग जाए। हमने भी 2017 में जब डिजिटल प्लेटफार्म पर शुरुआत की तो लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। लोग भी कई प्रकार की बातें करते और हतोत्साहित भी करते, लेकिन मैं अडिग रही। परिवार ने साथ दिया। इसके बाद जब सफलता के साथ खुद को साबित किया तो दूसरे भी इज्जत देने लगे।
पत्रिका 40 अंडर 40 पावर लिस्ट में ई-कॉमर्स, ई-बिजनेस श्रेणी में चयनित कौशल्या चौधरी ने साक्षात्कार में बताया कि शिक्षिका बनना चाहती थी, लेकिन 12वीं के बाद पढ़ाई छूट गई। शादी और परिवार को संभालने में समय चला गया। लेकिन एक दिन पत्रिका में ही स्टोरी पढ़ी कि एक बच्ची यूट्यूब चैनल से कैसे कमाई कर रही है। इसके बाद मैंने भी कुछ ऐसा ही करने की ठानी। पाक कला में बचपन से ही अच्छी थी तो इसी को जरिया बनाया।
लोगों को पसंद आई मायड़ भाषा
पहले यूट्यूब चैनल हिंदी में चलाया, लेकिन उसको ज्यादा पसंद नहीं किया गया। इसके बाद मैंने अपनी मायड़ भाषा राजस्थानी में ही खाना बनाने के टिप्स दिए तो लोगों को काफी पसंद आए। यह मायड़ भाषा का फूड श्रेणी का पहला चैनल था, इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और अब यूट्यूब पर 10 लाख से अधिक लोगों का परिवार बन चुका है।
ग्रामीण परिवेश से डबल एमए तक
कौशल्या ने गांव में रहते हुए अपने यूट्यूब चैनल की शुरुआत की, लेकिन वहां सभी सुविधाएं नहीं मिल पा रही थी तो जोधपुर शहर में शिफ्ट हो गए। यहां पढ़ाई को भी आगे बढ़ाया। अपनी स्नातक पूरी की। साथ ही राजस्थानी व लोक प्रशासन में एमए भी किया। अब कई सेमिनार में मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर युवाओं को प्रेरित भी करती हैं।
अब महिला सशक्तीकरण
सोशल मीडिया पर काफी प्रसिद्धि मिली और आय भी हो रही है, लेकिन अब इससे आगे बढ़ना है। ऐसी महिलाएं तो अपने घर से छोटा-बड़ा कार्य कर रही है, उनको जोड़कर उनके कुछ काम आ सके या उनके साथ मिलकर काम कर सकें, इसकी प्लानिंग की जा रही है।
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