Bribery Case: जोधपुर. एससी-एसटी का मामला दर्ज न करने के बदले 15 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोपी लोहावट थानाधिकारी उप निरीक्षक केसाराम को रविवार को निलम्बित कर दिया। वहीं, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने थानाधिकारी व बतौर मध्यस्थ शराब दुकानदार को देर शाम न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनिल कयाल ने बताया कि 15 हजार रुपए रिश्वत लेने की तथ्यात्मक रिपोर्ट पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) पी रामजी को भेजी गई। इस आधार पर आइजी ने बाड़मेर जिले में धोरीमन्ना तहसील के पनल की बेरी निवासी थानाधिकारी एसआइ केसाराम जाट को निलम्बित करने के आदेश जारी किए। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आहद खान ने बताया कि रिश्वत लेने के आरोपी थानाधिकारी केसाराम व पीलवा गांव निवासी शराब दुकानदार रणवीरसिंह को देर शाम मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए।
तलाशी में कुछ खास नहीं मिला
एसीबी बाड़मेर ने थानाधिकारी के मकान की तलाशी ली, जहां से फिलहाल कोई विशेष सामग्री मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि एससी-एसटी का मामला दर्ज न करने की एवज में थानाधिकारी ने एक लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। थानाधिकारी ने परिवादी को शराब की दुकान पर दुकानदार रणवीरसिंह को रुपए देने के निर्देश दिए थे। इस पर परिवादी ने शनिवार को 15 हजार रुपए शराब दुकानदार रणवीरसिंह को दिए थे। तभी एसीबी ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया था। दूसरे टीम ने थानाधिकारी केसाराम को पकड़ा था।
निलम्बन बहाली पर उसी थाने में पदस्थापित
गत वर्ष दिसम्बर में बलात्कार के मामले में सह-आरोपी को लोहावट थाने लाए जाने के दौरान रास्ते में तबीयत खराब हो गई थी। पुलिस उसे अस्पताल ले गई थी, जहां से उसे मथुरादास माथुर अस्पातल रैफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। परिजन व ग्रामीणों के विरोध करने पर लोहावट थानाधिकारी केसाराम को निलम्बित किया गया था। जांच के बाद थानाधिकारी को बहाल कर फिर से लोहावट थानाधिकारी का जिम्मा दिया गया था।
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