मानकों पर खरा नहीं उतरा निर्माण कार्य, डेम की दीवार से हटाए घटिया पत्थर

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कंस्ट्रक्शन कम्पनी को दिया नोटिस, कहा टेंडर शर्तों के अनुसार नहीं लगा पत्थर

बेलवा (जोधपुर). क्षेत्र के छीतर की पहाड़ियों में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल संरक्षण के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के रूप में निर्माणाधीन चेक डेम में कार्य गुणवत्ता को लेकर राजस्थान पत्रिका में ग्राउंड जीरो से हकीकत छपने के बाद वाप्कोस के जिम्मेदार अधिकारी व इंजीनियर्स हरकत में आए।

वाप्कोस ने छीतर में निर्माणाधीन सभी डेम के कार्य को रोकने को लेकर निर्देशित किया। राजस्थान पत्रिका में ''करोड़ों के बांध प्रोजेक्ट में हो रहा घटिया पत्थर का उपयोग'' शीर्षक से सोमवार को समाचार प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था। इसके बाद जल शक्ति मंत्रालय के उपक्रम वाप्कोस के प्रोजेक्ट इंचार्ज व इंजीनियर्स की टीम ने चेक डेम का दौरा करते हुए कार्य को रोकने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबधित कंस्ट्रक्शन फर्म के प्रतिनिधियों को अग्रिम आदेश तक कार्य नहीं करने के निर्देश दिए है। वाप्कोस के चीफ इंजीनियर किशोर कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में डेम निर्माण में आवश्यक मानकों पर कार्य होना नहीं पाया गया है।

वहीं हमने संबधित डेम साइट पर उचित मॉनिटरिंग के लिए नए इंजीनियर्स लगाने के लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता की है। घटिया पत्थर जांच के मामले में दिल्ली से उच्चाधिकारियों की एक टीम मंगलवार शाम बस्तवा आएगी।

डेम से घटिया पत्थर हटने शुरू

पत्रिका में समाचार छपने के बाद इंजीनियर्स ने भौतिक सत्यापन किया तो कार्य की पोल खुल गई। जिसके बाद प्रयुक्त हुए घटिया पत्थर को हटाने के लिए मजदूरों को लगाकर बजरी युक्त पत्थर हटाने का काम शुरू किया। चीफ इंजीनियर्स के निर्देशों के बाद डेम संख्या 46 पर निर्माण कार्य जारी रहा। जिसमें वे दीवार बनाकर घटिया पत्थरों को ढकने का कार्य कर रहे थे। शाम को चीफ इंजीनियर केके टाक ने फटकार लगाते हुए कार्य रुकवाया।

कंपनी को नोटिस

करोड़ों के चेक डेम निर्माण मामले ने कंपनी को नोटिस भेजा है। मेल के जरिये भेजे नोटिस में वाप्कोस ने बताया कि टेंडर शर्तों के अनुसार कार्य में पत्थर का उपयोग नहीं हुआ है।

उन्होंने 13 जून को छपी पत्रिका की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि डेम में पत्थर आवश्यक मानकों पर खरा नहीं उतरता है।नोटिस में साइट्स टेंडर डॉक्युमेंट्स और मानकों के अनुसार पत्थरों को इस्तेमाल को लेकर आदेश दिए। वाप्कोस ने कहा कि उक्त पत्र की अवहेलना होने पर गंभीर परिणाम हो सकते है।

दिल्ली से आएगी जांच टीम

जल शक्ति मंत्रालय के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में गुणवत्ता को लेकर मामला आने के बाद वाप्कोस के उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। दिल्ली से एक टीम मंगलवार को बस्तवा आएगी जो कार्य में हुई अनियमितताओं की जांच करेगी। वाप्कोस के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक जेके राय ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि पानी की एक बून्द की कीमत समझने वाले राजस्थान में पानी की मुख्य परियोजना का कार्य अच्छे से होगा।

उन्होंने कहा कि क्वालिटी को लेकर कोई भी बिंदु स्वीकार्य नहीं होगा। राय ने बताया की कोताही बरतने वाले अधिकारियों संबधित कम्पनी के खिलाफ आवश्यक कार्य करेंगे। मंगलवार, बुधवार को वाप्कोस के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक जेके राय व जनरल मैनेजर मनोज नागर की टीम डेम स्थलों की जांच करेंगे।



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