Phalodi mandi : तीन दिन में नहीं हुआ 3 करोड़ का व्यापार

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20 लाख के टैक्स का नुकसान
- ऊंझा मंडी भेजे ट्रक से रास्ते में जीरा चोरी होने के बाद फलोदी कृषि मंडी में व्यापारियों ने किया व्यापार बंद


फलोदी (जोधपुर). कृषि मंडी व्यापारियों की हडताल के चलते तीन दिनों में तीन करोड का व्यापार ठप है। इससे कृषि उपज मंडी समिति और सरकार को औसतन 20 लाख से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ है।

वर्तमान में कृषि उपज मंडी में रबी की बम्पर आवक चल रही है। ऐसे में एक व्यापारी ने किसानों से माल खरीद कर जीरे का ट्रक ऊंझा मंडी के लिए गत 28 अप्रेल को रवाना किया था, लेकिन जीरा और ट्रक रास्ते में ही गायब हो गए। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने पर ट्रक आऊ में बरामद हुआ, लेकिन माल नहीं मिला। इसके बाद से मंडी व्यापारियों में रोष है और गत चार मई को माल बरामदगी और चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मंडी का व्यापार बंद कर दिया।


वार्ता के बाद भी नहीं थमा गतिरोध

कृषि व्यापार संघ ने कार्रवाई नहीं होने पर चार मई से मंडी बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस चोरों और माल को बरामद नहीं कर पाई। ऐसे में मंडी भी नियत तिथि को बंद कर दी गई। गत चार मई को अतिरिक्त जिला कलक्टर मंडी पहुंचे और समझाइश की, लेकिन बात नहीं बनी, पांच मई को उपखण्ड अधिकारी डॉ. अर्चना व्यास व मंडी सचिव ने भी वार्ता की, जो बेनतीजा रही।

1 करोड़ रुपए प्रतिदिन व्यापार

कृषि उपज मंडी में प्रतिदिन एक करोड़ का व्यापार होता है। इसमें सरकार को 5 प्रतिशत जीएसटी से 5 लाख प्रतिदिन की आय और डेढ प्रतिशत मंडी टैक्स के तौर पर 1.50 लाख प्रतिदिन की आय होती है। तीन दिनों से मंडी बंद रहने से सरकार को करीब 20 लाख का राजस्व नुकसान हुआ है।

राजस्व नहीं मिल रहा

कृषि उपज मंडी का व्यापार बंद है। ऐसे में सरकार को प्रतिदिन 6.50 लाख का राजस्व नहीं मिल पा रहा है। जीएसटी से 5 व मंडी टैक्स से 1.50 लाख का नुकसान हुआ है। माल का आदान-प्रदान बंद होने से किसानों को भी नुकसान झेलना पड रहा है।

- जयकिशन विश्नोई सचिव कृषि उपज मंडी समिति, फलोदी


हमारे पर दूसरा उपाय नहीं
मंडी से व्यापार करने वाले व्यापारियों के साथ लूट व माल की चोरी की वारदातें पहले भी हुई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में बार-बार की वारदातों से आहत व्यापारियों ने इस बार मंडी बंद कर विरोध करने का मानस बनाया है। किसान व व्यापारी एक दूसरे के पूरक है। ऐसे में किसानों ने भी समर्थन किया है। खाद बीज व्यापार संघ और किराणा व्यापार संघ की ओर से भी हमारा समर्थन किया गया है।
- जयप्रकाश लालजी पुरोहित, अध्यक्ष कृषि उपज मंडी व्यापार संघ, फलोदी



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