HANDICRAFT EXPORT--- SHIPPING कम्पनियों ने बिगाड़ा हैण्डीक्राफ्ट निर्यात का खेल, क्या है मामला

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जोधपुर।

जोधपुर का हैन्डीक्राफ्ट एक्सपोर्ट उद्योग इस समय सकंट के दौर से गुजर रहा है । शिपिंग किराए में हुई असामान्य बढोतरी ने जोधपुर सहित देश के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कारोबार को पूरी तरह से हिला दिया है । शिपिंग कम्पनियां कोरोना के बाद से माल भाड़े की दर बढ़ाती जा रही है, जो अब तक करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। यहां के निर्यातकों के विदेशी ग्राहकों ने अपने ऑडर्स होल्ड पर रखवा रहे है। भारतीय पोर्ट से विदेशी पोर्ट तक का किराया बायर्स की ओर से ही वहन किया जाता है । हालात यह हो गए है कि कन्टेनर में भेजा जा रहा सामान से भी अधिक शिपिंग किराया हो चुका है । वहीं, सरकार की ओर से इस पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। जोधपुर से प्रतिवर्ष करीब 3 हजार करोड़ का निर्यात होता है। जोधपुर में बनने वाले हस्तशिल्प उत्पाद फर्नीचर व सजावट के होते है।
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विदेशी ग्राहकों से नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे

देश में बिगड़े शिपिंग के हालात से देश सहित जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात पर बुरा असर देखने को मिल रहा है । शिपिंग चार्जेज बढने के कारण भारत से भेजे गए कई हैन्डीक्राफ्ट के कन्टेनर शिपमेन्ट भी विदेशी पोर्ट पर अटके पडे है । कई विदेशी बायर्स ने जोधपुर के निर्यातकों से अपने ऑर्डर होल्ड पर रखवा दिए है । अमरीका के भी कई शहर टेक्सास, न्यूयॉर्क आदि के कुछ बायर्स ने अपने ऑर्डर होल्ड करवा दिए है । वहीं, विदेशी बायर्स की ओर से निर्यातकों को नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे है।

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1 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका

जोधपुर के हैन्डीक्राफ्ट निर्यातकों के करीब 1000 से अधिक कन्टेनर्स का तैयार माल होल्ड पर है। कुछ निर्यातकों ने मैन्यूफेक्चरिंग प्रोडक्शन रोक दिया है । हैन्डीक्राफ्ट फैक्टि्रयों में प्रोडक्शन कम होने से ऐसी स्थिति में हैण्डीक्राफ्ट कारीगरों की भी बेरोजगारी बढ़ने की सम्भावनाएं है । िस्थति जल्द ही ठीक नहीं हुई तो आने वाले कुछ दिनों में जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट उद्योग को करीब 1 हजार करोड के नुकसान की आशंका हो सकती है ।
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- 3 हजार करोड़ का सालाना निर्यात

- 2 हजार से अधिक हैण्डीक्राफ्ट इकाइयां
- 2 लाख लोग प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से रोजगार पा रहे इंडस्ट्री से

- 80 से अधिक देशों में निर्यात होता है जोधपुरी हैण्डीक्राफ्ट
- 800 निर्यातक

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शिपिंग चार्ज बढ़ने से हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग संकट में है। नए ऑर्डर नहीं मिल रहे है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार से शिपिंग कम्पनियाें के किराए में हुई बढोतरी पर लगाम लगाने की गुजारिश कर रहे है ।

डाॅ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

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शिपिंग चार्ज में असामान्य बढ़ोतरी से निर्यात उद्योग प्रभावित हो रहा है। सरकार से निर्यातकों की बैंक लिमिट बढ़ाने की अपील की है।
राजेन्द्र मेहता, सचिव

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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