Drinking water crisis: जोधपुर से केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व मुख्यमंत्री होने के बावजूद पानी के लिए झेलनी पड़ रही समस्या, ये है कारण...

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Drinking water crisis: जोधपुर. इंदिरा गांधी मुख्य नहर में नहरबंदी का पीरियड अब महत्वपूर्ण फेज में है। मुख्य नहर में जमा पानी खत्म हो चला है और अब राजीव गांधी लिफ्ट केनाल का पानी व शहर में पॉडिंग से ही काम चलाया जाएगा। करीब 10 दिन बाद फिर से पंजाब की नहर में छोड़ा गया पानी जोधपुर पहुंच सकेगा। अब जमा पानी से ही जिले में पेयजल वितरण के साथ पाली के लिए वाटर ट्रेन और पाइप लाइन से पानी भी भेजा जाएगा।

पेयजल के लिए पश्चिमी राजस्थान पूरी तरह से इंदिरा गांधी नहर पर निर्भर है। हर साल 30 से 40 दिन की नहरबंदी होती है, लेकिन मुख्य नहर में विशेष मरम्मत के कारण इस बार 70 दिन की नहरबंदी हो रही है। इसका सबसे क्रिटिकल दौर चल रहा है। शहर में एक साल से पानी को संचय किया जा रहा है। वर्तमान में शहर को करीब 25 दिन तक पानी पिलाने जितना संचय है। लेकिन इसी पानी में से पाली के लिए प्रतिदिन 80 लाख लीटर पानी वाटर ट्रेन से भेजा जा रहा है। वहीं जोधपुर से रोहट तक पेयजल लाइन की मरम्मत का कार्य भी करीब-करीब पूरा हो चुका है, ऐसे में पाइप लाइन से भी पानी जाएगा।

महत्वपूर्ण है तीन साल
पंजाब के हिस्से में मुख्य नहर में मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य तीन साल में पूरा होगा। इस दौरान करीब 60 से 70 दिन की नहरबंदी होगी। इस बार दूसरा साल है। तीन साल तक बड़ी नहरबंदी में पेयजल संचय के विशेष प्रयास करने पड़ रहे हैं।

नहरबंदी का गणित
- 60-65 दिन की इस बार नहरबंदी।
- शुरुआत में 40 दिन तक पंजाब से पीने जितना पानी मिलता रहा।
- इसके बाद 10-15 दिन तक मुख्य नहर में जमा पानी काम आया।
- 2 दिन तक लिफ्ट केनाल में जमा पानी काम आएगा।
- 10 दिन इसके बाद शहर में जमा पानी से काम चलाना होगा।


पानी के लिए मटकी फोड़ प्रदर्शन
नान्दड़ी क्षेत्र में पेयजल की किल्लत से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने मटकी फोड़ प्रदर्शन किया। अवैध कनेक्शन के कारण ज्यादा परेशानी होती है। टेल एंड तक पानी ही नहीं पहुंच रहा। उद्योगों को कनेक्शन दे रखे हैं, इसी कारण घरों में पानी कम आ रहा है। इस मौके पर राय बहादूर सिंह सिलारी, मकसूद, कैप्टन छत्तरसिंह, रणवीरसिंह, श्यामसिंह, आमीन खां, आबिद खां मौजूद रहे। मौके पर पहुंचे पीचईडी के अधिशासी अभियंता मनोज भवण ने बताया कि नहरबंदी के पानी का क्लोजर है, इसलिए टेल एंड में कुछ परेशानी आ रही है।



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