जोधपुर.
अस्पताल में जीवन की जद्दोजेहद में मरीज को जीवनदान के लिए रक्त की आवश्यकता होती, तब सही समय में रक्त मिल जाए, वो कार्य सर्वश्रेष्ठ और काम को करने वाले में दैवीय शक्ति हो जाती है। भारत मे 120 लाख यूनिट रक्त की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में 90 लाख यूनिट रक्त ही संग्रह होता है। जागरूकता से इसे पूर्ण करना है । इस अनूठे अपणायत के शहर में बिना किसी भेदभाव के सभी जरूरतमंद को हर समय रक्त मिलता है । यही इस शहर की खूबसूरती है। ये बात बतौर मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति विनीत माथुर ने कही। वे रोटरी क्लब एवं रोटरी ब्लड बैंक की ओर से गौरव पथ के रोटरी सभागार में शहर के रक्त संग्रह संस्थाओं और रक्तवीरों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि डॉ निर्मल गहलोत ने कहा कि उन्होंने स्वयं देखा कि जब लोग घर से बाहर नही निकल रहे थे, ऐसे भयावह स्थिति में कोरोना काल में युवाओ ने स्वयं प्रेरणा से सामने आकर रक्त और प्लेटलेट्स डोनेट किया। रोटरी ब्लड बैंक के चेयरमैन विनोद भाटिया ने भी संबोधित किया। क्लब के सचिव राजेंद्र राठी ने बताया कि डॉ राम गोयल की अध्यक्षता में हुए सम्मान समारोह में शहर व आसपास के गांवों-कस्बों की 52 संस्थाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। क्लब के सुरेंद्र भार्गव, मधु समदानी, श्यामकमल शर्मा, किशनलाल गर्ग, संदीप भण्डावत सहित क्लब सदस्य उपस्थित थे। संचालन लवेन्द्र सिंह राठौड़ व हरि प्रकाश राठी ने किया। गौरतलब हैं कि जोधपुर में जमकर स्वयंसेवी संस्थाएं रक्तदान करती हैं।
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