Bajra product: अमित दवे/जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख खाद्यान्न बाजरा अब देसी से ग्लोबल हो रहा है। पौष्टिकता की वजह से बाजरा के विभिन्न प्रोडक्ट्स घरेलू बाजार के साथ विदेशों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। बाजरे के बिस्किट, चॉकलेट व केक काफी प्रशंसा पा रहे है और बेकरी बाजार पर अपनी बादशाहत बना रहा है। इसे भविष्य की फसल का सुपर फूड भी कहा जाता है।
बाजरे के पर्याप्त उत्पादन को देखते हुए इन नए उत्पादों से रोजगार उत्पन्न होने के साथ ही किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने में भी सहायक हो रहा है। बाजरा की अच्छी उपलब्धता के बाद प्रोसेसिंग व उत्पादन के लिए इकाई व मशीनरी आसानी से मिलना सबसे बड़ी चुनौती है। यदि यह काम आसानी से हो जाए तो प्रमुख एग्रो प्रोडक्ट्स इंडस्ट्री के रूप में उभर सकता है। इस इंडस्ट्री में एक लाख युवाओं को रोजगार देने की क्षमता है।
वर्ष 2023 इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट घोषित
अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक बाजरा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ द मिलेट घोषित किया है। केन्द्र सरकार ने बाजरा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ को प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकार किया गया। इससे किसानों का कल्याण तो होगा ही साथ ही इस क्षेत्र में रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों व स्टार्टअप्स के लिए भी नई संभावना पैदा हुई है।
पौष्टिकता का भंडार
दुनिया के सबसे स्वस्थ खाद्य पदार्थों में से एक बाजरा को माना जाता है, इसलिए इसे भविष्य की फसल या सुपरफूड कहा जाता है। बाजरा में जिंक, आयरन, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, सेलेनियम , पोटेशियम और फास्फोरस अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही बाजरा में नियासिन, पैंटोथेकि एसिड, रिबोफाल्विन, फोलट, फोलिक एसिड, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन के जैसे कई विटामिन भी मौजूद रहते है। बाजरा में मौजूद पोषक तत्व कई बीमारियों में कारगर साबित हुए है।
सर्वाधिक उत्पादन राजस्थान में
- 9.8 मिलियन हैक्टेयर क्षेत्रफल में बोया जाता है देश में
- 9.4 मिलियन टन कुल उत्पादन देश में
- 3.75 मिलियन टन उत्पादन अकेले राजस्थान में
- 42 प्रतिशत हिस्सा कुल उत्पादन का राजस्थान में
- 4.15 मिलियन हैक्टेयर में बाजरा बोया जाता है राजस्थान में
- 56 प्रतिशत क्षेत्रफल पूरे देश का राजस्थान में
सही मार्केट मिले तो बड़ी इंडस्ट्री बनेगा
बाजरा स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। बाजरा प्रोडक्ट्स से बाजरा को नई पहचान मिल रही है, सही मार्केटिंग मिले तो यह जल्दी ही बड़ी इंडस्ट्री का रूप लेगी और इसमें काफी युवा जुड़ेंगे।
प्रो बीआर चौधरी, कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर
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