जोधपुर।
पशुओं को दिए जाने वाला आहार भी मंहगाई से अछूता नहीं रहा है, ऐसे में डेयरी व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और पशु पालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दरअसल फसलों से निकलने वाले भूसे की कीमत अब मूल अनाज गेहूं की कीमत से आधी तक पहुंच गई है। सीजन में जहां भूसे की कीमत 500-600 रुपए क्विंटल रहती थी, अब इसकी कीमत लगभग ढाई गुना होकर 1300-1400 हो गई है। वहीं अन्य चारे की कीमत भी बढ़ गई है। अगर यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में इसकी कीमत और बढ़ेगी।
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दाम बढ़ने के यह कारण
भूसा व्यापारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश व पंजाब से आने वाले भूसे व चारे की आवक कम हो गई है। इस वजह से यहां पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है और मांग ज्यादा होने के कारण इसके भाव बढ़ गए है।
- मध्यप्रदेश में भूसे व चारे की जिलाबंदी हो गई है व इनके बाहर ले जाने पर रोक लगा दी गई है।
- वहां की गौशालाओं में खपत हो जाने के कारण भी यहां आवक प्रभावित हेा रही है।
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दो से ढाई गुना बढ गई कीमत
पशुपालक गोपाराम खती ने बताया कि मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में गेहूं का उत्पादन कम होने से यहां पर भूसा कम निकला है, जो भूसा निकला है, उसे स्थानीय किसान अपने पशुओं के लिए रख लिया है। इंदौर में भोपाल, विदिशा व इस बेल्ट के दूसरे जिलों से भूसा आता है, यहां जिलाबंदी होने से वहां के चारे व भूसा के बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते इनकी कीमत लगभग दो से ढाई गुना ज्यादा हो गई है।
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प्रमुख भूसे व चारे की कीमत
- भूसा---------------- 1300-1400 रुपए प्रति क्विंटल
- ज्वार की कुतर---- 2300-2400 रुपए प्रति क्विंटल
- मूंगफली चारा -----1700-1800 रुपए प्रति क्विंटल
- चना की खार------- 1000-1100 रुपए प्रति क्विंटल
- मसूर का चारा----- 1200-1300 रुपए प्रति क्विंटल
- मटर का चारा----- 1100-1200 रुपए प्रति क्विंटल
- हरा चारा------- 600-700 रुपए प्रति क्विंटल्
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